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तेजी से बढ़ी ठिठुरन ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
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फिरोजाबाद। सोमवार से मौसम के मिजाज में शुरू हुए बदलाव का असर गांव-देहात व शहरी इलाकों में दिखना लगा है। ठंड के कारण जहां सरसों व आलू किसान चितिंत हैं। वहीं पारा गिरने के साथ ही शहरी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ गई है। कृषि रक्षा विभाग ने सरसों और आलू किसानों को फसलीय नुकसान से बचने के लिए जरूरी सुझाव दिए हैं।
सोमवार से बढ़ी ठिठुरन व सर्द हवाओं से आम जन मानस की दिनचर्या पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। सुबह के समय पारा दस डिग्री सेल्सियस से भी नीचे तक पहुंच गया। कृषि विभाग के अनुसार सोमवार के बाद से ही मौसम का पारा सुबह सात बजे तक लगभग सात और आठ डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द दर्ज किया।
वहीं दोपहर केवक्त लगभग 12 से 16 डिग्री सेल्सियस तापमान होने की बात कही गई। तेजी से बढी ठंड के कारण जिले के लगभग 13700 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खडी सरसों व 56 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खडी आलू की फसल को झुलसा व माहूं लगने की आशंका है। देर शाम तक गुलजार रहने वाली शहरी सडकें भी दिन छिपते ही सूनसान दिखाई देने लगीं हैं।
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कृषक सरसों की फसल का ध्यान रखें। माहूं लगने की स्थिति में किसी भी कीटनाशी का मामूली इस्तेमाल से इससे निजात मिल सकती है। वहीं आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए इन्डोफिन एम-45 छिडकाव एवं हल्की सिंचाई करें।
रविकांत सिंह, जिला कृषि रक्षाधिकारी
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सोमवार से बढ़ी ठिठुरन व सर्द हवाओं से आम जन मानस की दिनचर्या पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। सुबह के समय पारा दस डिग्री सेल्सियस से भी नीचे तक पहुंच गया। कृषि विभाग के अनुसार सोमवार के बाद से ही मौसम का पारा सुबह सात बजे तक लगभग सात और आठ डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द दर्ज किया।
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वहीं दोपहर केवक्त लगभग 12 से 16 डिग्री सेल्सियस तापमान होने की बात कही गई। तेजी से बढी ठंड के कारण जिले के लगभग 13700 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खडी सरसों व 56 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खडी आलू की फसल को झुलसा व माहूं लगने की आशंका है। देर शाम तक गुलजार रहने वाली शहरी सडकें भी दिन छिपते ही सूनसान दिखाई देने लगीं हैं।
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कृषक सरसों की फसल का ध्यान रखें। माहूं लगने की स्थिति में किसी भी कीटनाशी का मामूली इस्तेमाल से इससे निजात मिल सकती है। वहीं आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए इन्डोफिन एम-45 छिडकाव एवं हल्की सिंचाई करें।
रविकांत सिंह, जिला कृषि रक्षाधिकारी