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कम दाम मिलने पर किसानों ने छोड़े क्रय केंद्र, पसरा सन्नाटा

Thu, 25 Oct 2018 11:29 PM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:29 PM IST
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कम दाम मिलने पर किसानों ने छोड़े क्रय केंद्र, पसरा सन्नाटा
एटा। धान क्रय केन्द्रों को खुले 25 दिन हो गए। जनपद में अभी तक एक दाना भी धान का खरीदा नहीं गया है, जबकि आढ़तियों के यहां पर धान बेचने वालों की लंबी कतार लगी है। दरअसल, मंडी में किसान का धान कम से कम ढाई हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है, जबकि सरकारी धान क्रय केंद्रों पर सबसे अधिक 1780 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है। ऐसे में किसान सरकारी धान क्रय केन्द्रों के बजाए सीधे मंडी में आढ़तियों के यहां पर अपना धान बेच रहे हैं।
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13 क्रय केन्द्रों पर खरीदा जाना है 2250 मीट्रिक टन धान
जिले में किसानों से धान खरीद के लिए 13 क्रय केंद्र स्थापित किए गए है। जिन पर शासन की ओर से जिला प्रशासन को 2250 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। मगर मंडी समिति एटा में खुले दो केन्द्र (भारतीय खाद्य निगम और खाद्य विभाग) पर सन्नाटा पसरा है। दोनों ही केंद्रों पर एक भी ऐसे में जिला प्रशासन लक्ष्य को कैसे पूरा करेगा।
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1441 हेक्टेयर में हुई है धान की खेती
बताते चलें कि जिले में 1441 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती हुई है। जिसमें मोटा धान बहुत ही कम क्षेत्रफल में है, जिसको क्रय केंद्रों पर खरीदा जाना है। ज्यादातर किसानों ने 1509, बासमती और सुगंधा धान किया है। जो 2300 से लेकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल के रेट में बिक रहा है।
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अभी नहीं हुई धान की आवक
जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि अभी धान की आवक नहीं हुई है। इसलिए रिपोर्ट शून्य है। जैसे ही धान की आवक शुरू होगी। वैसे ही धान की खरीदारी शुरू कर दी जाएगी। धान मानक के अनुसार होना चाहिए।
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