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स्थाईकरण की मांग के लिए गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:58 PM IST
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मैनपुरी। समेकित बाल विकास योजना के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों ने योगी सरकार वादा निभाओ कार्यक्रम के तहत कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
जनपद के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शुक्रवार की सुबह कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में एकत्रित हुए। यहां अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में कार्य किए जाएंगे।
उनका मानदेय बढ़ाया जाएगा। लेकिन कई बार के स्मृति पत्र के बाद भी सरकार ने आज तक कुछ नहीं किया है। जिसके चलते आज प्रदेश भर में कार्यकर्ताओं को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के मानदेय में सरकार ने कोई वृद्धि नहीं की है। आंगनबाड़ी सेंटरों की स्थिति दयनीय है।
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पोषाहार की गुणवत्ता भी घटिया किस्म की है। मांग की गई कि समेकित बाल विकास योजना को और मजबूत करने के लिए सरकार को चाहिए कि पर्याप्त बजट उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति की तिथि से ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन 18000 रुपये मासिक घोषित किया जाए।
आंगनबाड़ी सेंटरों में सभी जरूरी सुविधाएं व लाभार्थियों को पूरे 365 दिन उच्च गुणवत्ता का पूरा पोषाहार देना सुनिश्चित किया जाए। समेकित बाल विकास योजना का निजीकरण, ठेकाकरण, संविदाकरण पूरी तरह से बंद किया जाए। अंत में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अशोक कुमार को सौंपे।
इस अवसर पर विमलेश चौहान, मंजू चौहान, ज्ञान कुमारी, शशी किरन, रिचा दुबे, शीतल चौहान, अलका यादव, ऊषा, सुषमा कश्यप, शालिनी चौहान, सरोज चतुर्वेदी, रिहना बेगम, मीरा देवी, शाहिना आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।
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जनपद के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शुक्रवार की सुबह कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में एकत्रित हुए। यहां अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में कार्य किए जाएंगे।
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उनका मानदेय बढ़ाया जाएगा। लेकिन कई बार के स्मृति पत्र के बाद भी सरकार ने आज तक कुछ नहीं किया है। जिसके चलते आज प्रदेश भर में कार्यकर्ताओं को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के मानदेय में सरकार ने कोई वृद्धि नहीं की है। आंगनबाड़ी सेंटरों की स्थिति दयनीय है।
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पोषाहार की गुणवत्ता भी घटिया किस्म की है। मांग की गई कि समेकित बाल विकास योजना को और मजबूत करने के लिए सरकार को चाहिए कि पर्याप्त बजट उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति की तिथि से ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन 18000 रुपये मासिक घोषित किया जाए।
आंगनबाड़ी सेंटरों में सभी जरूरी सुविधाएं व लाभार्थियों को पूरे 365 दिन उच्च गुणवत्ता का पूरा पोषाहार देना सुनिश्चित किया जाए। समेकित बाल विकास योजना का निजीकरण, ठेकाकरण, संविदाकरण पूरी तरह से बंद किया जाए। अंत में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अशोक कुमार को सौंपे।
इस अवसर पर विमलेश चौहान, मंजू चौहान, ज्ञान कुमारी, शशी किरन, रिचा दुबे, शीतल चौहान, अलका यादव, ऊषा, सुषमा कश्यप, शालिनी चौहान, सरोज चतुर्वेदी, रिहना बेगम, मीरा देवी, शाहिना आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।