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आफत बनी बारिश छत गिरने से तीन बच्चों की मौत
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:28 PM IST
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आफत बनी बारिश छत गिरने से तीन बच्चों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/सहावर/पटियाली। जनपद में 48 घंटे से हो रही लगातार बारिश अब आफत बन गई है। सहावर के गांव सुजानपुर में बारिश के चलते एक मकान की छत गिर गई। इससे उसमें दब कर तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि मां व अन्य दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये। इसके अलावा पटियाली के नगला मक्खन में भी एक मकान गिर गया। कई पेड़ सड़कों पर गिर जाने और जगह जगह जलभराव से कई घंटों तक वाहन भी फंसे रहे। इससे लोगों को परेशानी का काफी सामना करना पड़ा।
सहावर के गांव सुजानपुर निवासी अंगनलाल का परिवार घर में सो रहा था। रात करीब साढ़े तीन बजे अचानक छत गिर गई। इससे पूरा परिवार मलबे में दब गया। मलबे में अंगनलाल की पत्नी शारदा देवी और उसके पांच बच्चे दब गये। घटना के समय अंगनलाल घर पर मौजूद नहीं था। चीख पुकार और छत गिरने की आवाज पड़ोस में रहने वाले अंगनलाल के भतीजे ने सुनी तो वह अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचा। आनन फानन मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक पुत्र सौरभ (2), पुत्री शर्मिला (7) व छाया (10) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी शारदा देवी (38) और दो बच्चे सतेंद्र (11) व गौरी (4) घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। यहां से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। सुबह होने पर हादसे की जानकारी आसपास के ग्रामीणों को हुई तो वहां बड़ी संख्या में भीड़ पहुंच गई। पुलिस ने तीनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं। इस दुर्घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा। पोस्टमार्टम गृह पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग पहुंच गये जिनकी चीत्कार से हर किसी की आंख नम हो आई। सूचना पर तहसील कर्मी व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
इसके अलावा नगला मक्खन में भी श्यामलाल पुत्र सत्तू का मकान गिर गया। मकान काफी पुराना था। श्यामलाल के परिवार के लोग गिरे हुए हिस्से में नहीं थे। जिससे सभी बाल बाल बच गए। कुछ घरेलू सामान ही दबकर खराब हो गया। पटियाली के राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। पटियाली-गंजडुंडवारा मार्ग पर बड़ी ईदगाह के निकट एक बड़ा पेड़ गिर गया जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम पटियाली ने जेसीबी व कर्मियों को भेजकर पेड़ हटवाया, तब ट्रैफिक चालू हो पाया। वहीं बारिश के कारण सड़कों के किनारे दलदल हो जाने के कारण वाहन भी फंस गए। लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश के कारण जगह जगह जलभराव के हालात बने रहे और लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा।
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सहावर के गांव सुजानपुर निवासी अंगनलाल का परिवार घर में सो रहा था। रात करीब साढ़े तीन बजे अचानक छत गिर गई। इससे पूरा परिवार मलबे में दब गया। मलबे में अंगनलाल की पत्नी शारदा देवी और उसके पांच बच्चे दब गये। घटना के समय अंगनलाल घर पर मौजूद नहीं था। चीख पुकार और छत गिरने की आवाज पड़ोस में रहने वाले अंगनलाल के भतीजे ने सुनी तो वह अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचा। आनन फानन मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक पुत्र सौरभ (2), पुत्री शर्मिला (7) व छाया (10) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी शारदा देवी (38) और दो बच्चे सतेंद्र (11) व गौरी (4) घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। यहां से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। सुबह होने पर हादसे की जानकारी आसपास के ग्रामीणों को हुई तो वहां बड़ी संख्या में भीड़ पहुंच गई। पुलिस ने तीनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं। इस दुर्घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा। पोस्टमार्टम गृह पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग पहुंच गये जिनकी चीत्कार से हर किसी की आंख नम हो आई। सूचना पर तहसील कर्मी व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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इसके अलावा नगला मक्खन में भी श्यामलाल पुत्र सत्तू का मकान गिर गया। मकान काफी पुराना था। श्यामलाल के परिवार के लोग गिरे हुए हिस्से में नहीं थे। जिससे सभी बाल बाल बच गए। कुछ घरेलू सामान ही दबकर खराब हो गया। पटियाली के राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। पटियाली-गंजडुंडवारा मार्ग पर बड़ी ईदगाह के निकट एक बड़ा पेड़ गिर गया जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम पटियाली ने जेसीबी व कर्मियों को भेजकर पेड़ हटवाया, तब ट्रैफिक चालू हो पाया। वहीं बारिश के कारण सड़कों के किनारे दलदल हो जाने के कारण वाहन भी फंस गए। लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश के कारण जगह जगह जलभराव के हालात बने रहे और लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा।
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