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चाचा से बचाया तो भतीजा कर लाया बालिका को अगवा
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:19 PM IST
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कासगंज।
एक नाबालिग बालिका बार-बार किस्मत के हाथों छली गई। पहले लालच में आकर उसकी ऐसे विवाहित युवक से शादी हो गई, जिसकी पत्नी तो जीवित है ही, साथ ही उसकी ही उम्र के दो बच्चे भी युवक के पास मौजूद है। बाल कल्याण समिति ने उसे युवक के चंगुल से बचाकर पिता के सुपुर्द कर दिया, लेकिन वह सुरक्षित नहीं रह सकी। युवक का भतीजा उसको अगवा कर लाया। अब बालिका अपने परिवारीजनों से दूर बाल संरक्षण गृह कानपुर में रहेगी।
नगला ढक के युवक पोखपाल ने अपनी पहली पत्नी के जीवित रहते हुए अपनी बुआ प्रवेश व फूफा नेत्रपाल की मदद से सहावर क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग बालिका से यह कहकर मंदिर में शादी कर ली कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। वह अपनी 40 बीघा जमीन, व ट्रैक्टर आदि उसके नाम कर देगा। गरीबी के चलते उसके माता पिता ने भी यह रिश्ता स्वीकार कर लिया। पति के घर आने पर बालिका के सपने टूट गए।
उसे युवक की पहली पत्नी व बच्चे घर पर मिले, लेकिन किस्मत के हाथों छली गई बालिका मजबूरी में अपना जीवन यापन करने लगी, लेकिन युवक की पहली पत्नी ने अपने पति की करतूतों का विरोध शुरू कर दिया। उसने 19 अप्रैल को 181 महिला हैल्प लाइन पर मामले की शिकायत कर दी। हैल्प लाइन ने बालिका को बरामद करके बाल कल्याण समिति न्याय पीठ के सुपुर्द कर दिया। चिकित्सीय परीक्षण के बाद समिति ने बालिका को 21 अप्रेल को उसके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
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पत्नी ने इस मामले में अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया, लेकिन बालिका की किस्मत में तो कुछ और ही लिखा हुआ था। पोखपाल के भतीजे कुंदन की नियत बालिका पर खराब हो गई। वह बालिका को अपना बनाने की चाहत लेकर उसके गांव पहुंच गया। वहां से वह बालिका को अगवा करके अपने गांव ले आया। बालिका के पिता ने सहावर थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। इसके साथ ही 181 महिला हैल्प लाइन ने मंगलवार को बालिका को आरोपी कुंदन के घर से बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति के सदस्य मुहम्मद मियां ने बताया कि बालिका की सुरक्षा को देखते हुए उसे बाल संरक्षण गृह कानपुर भेजा गया है। वह अग्रिम आदेश तक वहीं रहेगी।
एक नाबालिग बालिका बार-बार किस्मत के हाथों छली गई। पहले लालच में आकर उसकी ऐसे विवाहित युवक से शादी हो गई, जिसकी पत्नी तो जीवित है ही, साथ ही उसकी ही उम्र के दो बच्चे भी युवक के पास मौजूद है। बाल कल्याण समिति ने उसे युवक के चंगुल से बचाकर पिता के सुपुर्द कर दिया, लेकिन वह सुरक्षित नहीं रह सकी। युवक का भतीजा उसको अगवा कर लाया। अब बालिका अपने परिवारीजनों से दूर बाल संरक्षण गृह कानपुर में रहेगी।
नगला ढक के युवक पोखपाल ने अपनी पहली पत्नी के जीवित रहते हुए अपनी बुआ प्रवेश व फूफा नेत्रपाल की मदद से सहावर क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग बालिका से यह कहकर मंदिर में शादी कर ली कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। वह अपनी 40 बीघा जमीन, व ट्रैक्टर आदि उसके नाम कर देगा। गरीबी के चलते उसके माता पिता ने भी यह रिश्ता स्वीकार कर लिया। पति के घर आने पर बालिका के सपने टूट गए।
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उसे युवक की पहली पत्नी व बच्चे घर पर मिले, लेकिन किस्मत के हाथों छली गई बालिका मजबूरी में अपना जीवन यापन करने लगी, लेकिन युवक की पहली पत्नी ने अपने पति की करतूतों का विरोध शुरू कर दिया। उसने 19 अप्रैल को 181 महिला हैल्प लाइन पर मामले की शिकायत कर दी। हैल्प लाइन ने बालिका को बरामद करके बाल कल्याण समिति न्याय पीठ के सुपुर्द कर दिया। चिकित्सीय परीक्षण के बाद समिति ने बालिका को 21 अप्रेल को उसके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
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पत्नी ने इस मामले में अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया, लेकिन बालिका की किस्मत में तो कुछ और ही लिखा हुआ था। पोखपाल के भतीजे कुंदन की नियत बालिका पर खराब हो गई। वह बालिका को अपना बनाने की चाहत लेकर उसके गांव पहुंच गया। वहां से वह बालिका को अगवा करके अपने गांव ले आया। बालिका के पिता ने सहावर थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। इसके साथ ही 181 महिला हैल्प लाइन ने मंगलवार को बालिका को आरोपी कुंदन के घर से बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति के सदस्य मुहम्मद मियां ने बताया कि बालिका की सुरक्षा को देखते हुए उसे बाल संरक्षण गृह कानपुर भेजा गया है। वह अग्रिम आदेश तक वहीं रहेगी।