{"_id":"5ad379584f1c1b60098b4ad0","slug":"171523808600-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल बीमा कराने वाले 5363 किसानों का डाटा गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल बीमा कराने वाले 5363 किसानों का डाटा गायब
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खेतों में कटी पड़ी फसल
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो। (अनिल यादव )
एटा। केन्द्र व प्रदेश सरकार फसल के नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से फसल का बीमा कराने की कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। मगर कृषि विभाग व बैंकों की लापरवाही से जिले के पांच हजार से अधिक किसानों की फसल बीमा का डाटा गायब हो गया है। ऐसे में अगर फसल का नुकसान होता है तो हजारों किसान क्लेम के लिए भटकते रह जाएंगे।
जिले के किसानों की फसल का बीमा करने के लिए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अधिकृत की गई है। इस कंपनी ने खरीफ व रबी की फसल का बीमा किया है। रबी की फसल के लिए जनपद के 10503 किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है। इन किसानों में 10383 ऋणी किसान हैं, जिन्होंने केसीसी के माध्यम से फसल का बीमा कराया है। 120 किसानों ने निजी तौर पर फसल का बीमा कराया है।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण लेने वाले अधिकांश किसानों को शायद ही यह जानकारी होगी कि जितनी जमीन पर ऋण लिया गया है, उसकी फसल का बीमा हो जाता है ओर ऋण ली गई रकम पर दो फीसदी फसल बीमा की धनराशि बैंक काटकर किसानों को भुगतान करती हैं। ऐसे ही ऋणी किसानों की जिले में संख्या 10383 हैं। जिले में इतनी बड़ी संख्या में किसानों से बैंकों ने फसल बीमा के रूप में लाखों रुपये का प्रीमियम तो काट लिया, लेकिन इसका डाटा बीमा कंपनी को नहीं भेजा है। बीमा कंपनी के पास मात्र 5140 किसानों का ही डाटा है। जिसका क्लेम देने के लिए बीमा कंपनी अधिकृत है। 5363 किसान प्रीमियम का भुगतान करने के बाद भी अपनी फसल बीमा के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं। अगर 5363 किसानों द्वारा क्लेम किया जाता है तो उनको सिर्फ भटकने के सिवाय कुछ नहीं मिलने वाला है।
विज्ञापन
120 किसानों ने नकद देकर कराया बीमा
ऋणी किसानों का फसल बीमा होना तय होता है, लेकिन जो किसान केसीसी नहीं कराते हैं उन्हें नकद राशि देकर फसल का बीमा कराना जरूरी है, ताकि दैवीय आपदा या कोई घटना दुर्घटना होने पर नुकसान कवर हो सके। ऐसे ही 120 जागरूक किसानों ने नकद राशि से फसल का बीमा कराया है।
खरीफ की फसल के नुकसान का भुगतान करेगी बीमा कंपनी
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला कोऑर्डिनेटर सौरभ कुमार ने बताया है कि खरीफ की फसल में हुए नुकसान का बीमा कंपनी पर क्लेम किया था। क्लेम का आकलन करने के बाद बीमा कंपनी किसानों को 24.39 लाख रुपये का भुगतान करेगी। यह रकम किसानों को देने के लिए उपलब्ध हो चुकी है।
जिले के 5140 किसानों का फसल बीमा का डाटा हमारी कंपनी के पास है। कृषि विभाग या बैंक द्वारा कितने किसानों की फसल का बीमा कराया है। यह तो कृषि विभाग ही बता सकेगा।
सौरभ कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर - यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी
जनपद में 10383 ऋणी किसान हैं तथा 120 किसानों ने नकद राशि से 5718 हेक्टेयर जमीन का फसलबीमा कराया है। जिसमें 2745.97 लाख का फसल बीमा है। किसानों से 42.31 लाख रुपये का प्रीमियम जमा हुआ है।
विजय शंकर, उप निदेशक कृषि।
आंकड़ों पर नजर :-
2.53 लाख जिले में कुल किसान
1.39 जिले में पंजीकृत किसान
2745.97 लाख का हुआ जिले में फसल बीमा
10503 किसानों ने कराया फसल बीमा
10383 किसानों का ऋणी फसल बीमा
120 किसानों ने नकद राशि से कराया फसल बीमा
42.31 लाख किसानों का प्रीमियम जमा
यह सभी आंकड़े कृषि विभाग के अनुसार हैं।
5140 किसानों का डाटा बीमा कंपनी के पास
79.21 लाख का प्रीमियम कंपनी के पास पहुंचा
24.39 लाख खरीफ में क्लेम देगी कंपनी
5363 किसानों का डाटा गायब
विज्ञापन
एटा। केन्द्र व प्रदेश सरकार फसल के नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से फसल का बीमा कराने की कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। मगर कृषि विभाग व बैंकों की लापरवाही से जिले के पांच हजार से अधिक किसानों की फसल बीमा का डाटा गायब हो गया है। ऐसे में अगर फसल का नुकसान होता है तो हजारों किसान क्लेम के लिए भटकते रह जाएंगे।
जिले के किसानों की फसल का बीमा करने के लिए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अधिकृत की गई है। इस कंपनी ने खरीफ व रबी की फसल का बीमा किया है। रबी की फसल के लिए जनपद के 10503 किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है। इन किसानों में 10383 ऋणी किसान हैं, जिन्होंने केसीसी के माध्यम से फसल का बीमा कराया है। 120 किसानों ने निजी तौर पर फसल का बीमा कराया है।
विज्ञापन
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण लेने वाले अधिकांश किसानों को शायद ही यह जानकारी होगी कि जितनी जमीन पर ऋण लिया गया है, उसकी फसल का बीमा हो जाता है ओर ऋण ली गई रकम पर दो फीसदी फसल बीमा की धनराशि बैंक काटकर किसानों को भुगतान करती हैं। ऐसे ही ऋणी किसानों की जिले में संख्या 10383 हैं। जिले में इतनी बड़ी संख्या में किसानों से बैंकों ने फसल बीमा के रूप में लाखों रुपये का प्रीमियम तो काट लिया, लेकिन इसका डाटा बीमा कंपनी को नहीं भेजा है। बीमा कंपनी के पास मात्र 5140 किसानों का ही डाटा है। जिसका क्लेम देने के लिए बीमा कंपनी अधिकृत है। 5363 किसान प्रीमियम का भुगतान करने के बाद भी अपनी फसल बीमा के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं। अगर 5363 किसानों द्वारा क्लेम किया जाता है तो उनको सिर्फ भटकने के सिवाय कुछ नहीं मिलने वाला है।
विज्ञापन
120 किसानों ने नकद देकर कराया बीमा
ऋणी किसानों का फसल बीमा होना तय होता है, लेकिन जो किसान केसीसी नहीं कराते हैं उन्हें नकद राशि देकर फसल का बीमा कराना जरूरी है, ताकि दैवीय आपदा या कोई घटना दुर्घटना होने पर नुकसान कवर हो सके। ऐसे ही 120 जागरूक किसानों ने नकद राशि से फसल का बीमा कराया है।
खरीफ की फसल के नुकसान का भुगतान करेगी बीमा कंपनी
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला कोऑर्डिनेटर सौरभ कुमार ने बताया है कि खरीफ की फसल में हुए नुकसान का बीमा कंपनी पर क्लेम किया था। क्लेम का आकलन करने के बाद बीमा कंपनी किसानों को 24.39 लाख रुपये का भुगतान करेगी। यह रकम किसानों को देने के लिए उपलब्ध हो चुकी है।
जिले के 5140 किसानों का फसल बीमा का डाटा हमारी कंपनी के पास है। कृषि विभाग या बैंक द्वारा कितने किसानों की फसल का बीमा कराया है। यह तो कृषि विभाग ही बता सकेगा।
सौरभ कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर - यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी
जनपद में 10383 ऋणी किसान हैं तथा 120 किसानों ने नकद राशि से 5718 हेक्टेयर जमीन का फसलबीमा कराया है। जिसमें 2745.97 लाख का फसल बीमा है। किसानों से 42.31 लाख रुपये का प्रीमियम जमा हुआ है।
विजय शंकर, उप निदेशक कृषि।
आंकड़ों पर नजर :-
2.53 लाख जिले में कुल किसान
1.39 जिले में पंजीकृत किसान
2745.97 लाख का हुआ जिले में फसल बीमा
10503 किसानों ने कराया फसल बीमा
10383 किसानों का ऋणी फसल बीमा
120 किसानों ने नकद राशि से कराया फसल बीमा
42.31 लाख किसानों का प्रीमियम जमा
यह सभी आंकड़े कृषि विभाग के अनुसार हैं।
5140 किसानों का डाटा बीमा कंपनी के पास
79.21 लाख का प्रीमियम कंपनी के पास पहुंचा
24.39 लाख खरीफ में क्लेम देगी कंपनी
5363 किसानों का डाटा गायब