{"_id":"5a7355724f1c1b90268b7c33","slug":"171517507954-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्ति निरीक्षक पर किराए के रुपये हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्ति निरीक्षक पर किराए के रुपये हड़पने का आरोप
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिला पूर्ति कार्यालय में सदर के पूर्ति निरीक्षक पर अवाबाग कालोनी निवासी एक व्यक्ति ने किराए के रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने समाधान दिवस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, उधर अधिकारी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है।
कोतवाली क्षेत्र के अवाबाग कालोनी निवासी प्रमोद कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस मेें प्रार्थना-पत्र देकर पूर्ति निरीक्षक पर किराए आदि का रुपये हड़पने का आरोप लगाया।
कहा है कि सदर में पूर्ति निरीक्षक रहे सुरेंद्र कुमार उनके घर में किराए पर रहे। उन्होंने घर का 17 हजार, गाड़ी का किराया 70 हजार, दूध आदि का करीब एक लाख से अधिक का भुगतान नहीं किया। जब वह घर पर नहीं थे तो चुपचाप से मकान को खाली कर चले गए।
विज्ञापन
जब वह रुपये मांगने गए तो एक बार 20 हजार रुपये खाते में डाल दिए। काफी समय बीतने के बाद जब वह बाकी रुपये मांगने गया तो उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने प्रार्थना-पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं जब इस मामले में पूर्ति निरीक्षक से जानकारी ली तो उनका कहना था कि उन पर किसी का रुपया नहीं है। जो भी आरोप हैं वह गलत हैं।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के अवाबाग कालोनी निवासी प्रमोद कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस मेें प्रार्थना-पत्र देकर पूर्ति निरीक्षक पर किराए आदि का रुपये हड़पने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
कहा है कि सदर में पूर्ति निरीक्षक रहे सुरेंद्र कुमार उनके घर में किराए पर रहे। उन्होंने घर का 17 हजार, गाड़ी का किराया 70 हजार, दूध आदि का करीब एक लाख से अधिक का भुगतान नहीं किया। जब वह घर पर नहीं थे तो चुपचाप से मकान को खाली कर चले गए।
विज्ञापन
जब वह रुपये मांगने गए तो एक बार 20 हजार रुपये खाते में डाल दिए। काफी समय बीतने के बाद जब वह बाकी रुपये मांगने गया तो उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने प्रार्थना-पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं जब इस मामले में पूर्ति निरीक्षक से जानकारी ली तो उनका कहना था कि उन पर किसी का रुपया नहीं है। जो भी आरोप हैं वह गलत हैं।