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रजबहा की पटरी कटने से 200 बीघा से अधिक फसल डूबी
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:23 AM IST
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फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। रजबहा की पटरी कटने से बनीपुर और माढ़ई गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। पानी खेतों में चारो ओर पानी दिखाई दे रहा है। खेतों में पानी भरने से किसान परेशान हैं। पटरी कटने की सूचना बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद प्रयास कर पटरी के कटाव को बंद कर दिया।
शिकोहाबाद की लोअर गंगा नहर से एक बंबा इटावा जनपद की तहसील करहल तक किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए निकाला गया है। रजबहा करहल होते हुए इटावा जिले की सीमा में जाता है। जिससे हजारों बीघा जमीन की सिंचाई होती है। नहर में पानी आने से चार दिन से रजबहे में पानी बढ़ गया है। पानी की जरूरत कम होने से रजबहा अन्य दिनों की मुकाबले ज्यादा चल रहा है। पानी का बहाव तेज होने से बुधवार रात बनीपुर के पास रजबहा कट गया।
इसके चलते बनीपुर और मांड़ई गांव के दर्जनों किसान प्रभावित हुए हैं। पटरी कटने से लगभग 200- 250 बीघा फसल प्रभावित हुई है। आलू की फसल में हो रहे घाटे से किसान की कमर पहले टूट चुकी है। ऊपर से रजबहा कटने से किसान की फसल में हुए नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा। परेशान किसानों ने रजबहा कटने से हुए नुकसान का प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
शिकोहाबाद की लोअर गंगा नहर से एक बंबा इटावा जनपद की तहसील करहल तक किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए निकाला गया है। रजबहा करहल होते हुए इटावा जिले की सीमा में जाता है। जिससे हजारों बीघा जमीन की सिंचाई होती है। नहर में पानी आने से चार दिन से रजबहे में पानी बढ़ गया है। पानी की जरूरत कम होने से रजबहा अन्य दिनों की मुकाबले ज्यादा चल रहा है। पानी का बहाव तेज होने से बुधवार रात बनीपुर के पास रजबहा कट गया।
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इसके चलते बनीपुर और मांड़ई गांव के दर्जनों किसान प्रभावित हुए हैं। पटरी कटने से लगभग 200- 250 बीघा फसल प्रभावित हुई है। आलू की फसल में हो रहे घाटे से किसान की कमर पहले टूट चुकी है। ऊपर से रजबहा कटने से किसान की फसल में हुए नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं होगा। परेशान किसानों ने रजबहा कटने से हुए नुकसान का प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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