छठ महोत्सवःयमुना के घाटों की नहीं हुई सफाई
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छह महापर्व में व्रती अस्त होते सूर्य और फिर उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए यमुना के तटों पर जाते हैं। रामबाग घाट, बल्केश्वर घाट, दशहरा घाट पर सर्वाधिक श्रद्धालु जुटते हैं। यहां यमुना नदी में पूजन और के बाद अर्घ्य दिया जाता है। घाटों पर मेला जैसा नजारा होता है।
पहले नगर निगम कई दिन से पहले घाटों की सफाई शुरू करा देता था, लेकिन इस बार अधिकारी मुख्यमंत्री की विजिट की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन घाटों की सफाई नहीं की गई है। इस संबंध में नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने कहा कि मंगलवार को टीम लगाकर सभी घाटों की सफाई करा दी जाएगी।
नहाय खाय से प्रारंभ होगा पर्व
24 अक्तूबर को नहाय खाय से व्रत प्रारंभ होगा। सूर्य उदय होने से पूर्व उठकर व्रती घर को पवित्र करेंगे। नये चूल्हे पर पीतल या मिट्टी के पात्र में आम की लकड़ी जलाकर चने की दाल, चावल, लौकी सेंदा नमक डालकर पकाएंगे। खाना बनाते समय छठी मैया के गीत गाए जाएंगे।