{"_id":"599db8cc4f1c1b54408b4668","slug":"171503508684-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में स्वाइन फ्लू से निपटने को नहीं बना कोई वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में स्वाइन फ्लू से निपटने को नहीं बना कोई वार्ड
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
एक युवक को अपने अंग दान कर गई ये मां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। इसे अफसरों की लापरवाही कहें या फिर निडरता कि उन्हें स्वाइन फ्लू का कोई खौफ नहीं है। प्रदेश स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए कवायद हो रही है, लेकिन जिला स्तर पर इससे निपटने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में स्वाइन फ्लू का अब तक कोई मरीज सामने नहीं आया है और न ही जिले में इसका प्रकोप है।
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए शासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। लेकिन जिले के अफसरों को स्वाइन फ्लू का कोई खौफ नहीं है। आलम यह है कि जिला अस्पताल मेें मलेरिया और डेंगू का वार्ड है। मगर स्वाइन फ्लू से निपटने की कोई तैयारी नहीं की गई है। जिला अस्पताल में न तो कोई अलग से वार्ड बनाया गया है और न ही उपचार के कोई इंतजाम हैं। जिले में प्लेट्लेट्स और स्वाइन फ्लू की जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सक मरीज को भर्ती करने के बाद उसके सैंपल को अलीगढ़ में जांच के लिए भेजते हैं। यदि वहां से पुष्टि हो जाती है, तो विशेष उपचार शुरू किया जाता है। सीएमएस डा. बी सागर कहते हैं कि जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बना है। स्वाइन फ्लू का कोई प्रकोप नहीं है।
क्या है स्वाइन फ्लू
एटा। स्वाइन फ्लू एक विशेष प्रकार के वायरस इंफ्लूएंजा एच-1 एन 1 के कारण फैल रहा है। यह विषाणु सुअर में पाए जाने वाले विषाणुओं में से एक है।
ये हैं लक्षण
एटा। स्वाइन फ्लू में कई तरह के लक्षण देखने के लिए मिलते हैं। इसमें बुखार, खांसी, गले में तकलीफ, शरीर दर्द, सिर दर्द, कंपकपी, कमजोरी लगना प्रमुख हैं। कुछ मरीजों को उल्टी और दस्त की शिकायत भी रहती है।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू से बचाव
- छींकते समय मुंह और नाक को ढक लें।
- खाने से पहले हाथ अच्छे से धोएं।
- खराब पानी से दूर रहें।
- तबियत खराब लगने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए शासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। लेकिन जिले के अफसरों को स्वाइन फ्लू का कोई खौफ नहीं है। आलम यह है कि जिला अस्पताल मेें मलेरिया और डेंगू का वार्ड है। मगर स्वाइन फ्लू से निपटने की कोई तैयारी नहीं की गई है। जिला अस्पताल में न तो कोई अलग से वार्ड बनाया गया है और न ही उपचार के कोई इंतजाम हैं। जिले में प्लेट्लेट्स और स्वाइन फ्लू की जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सक मरीज को भर्ती करने के बाद उसके सैंपल को अलीगढ़ में जांच के लिए भेजते हैं। यदि वहां से पुष्टि हो जाती है, तो विशेष उपचार शुरू किया जाता है। सीएमएस डा. बी सागर कहते हैं कि जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बना है। स्वाइन फ्लू का कोई प्रकोप नहीं है।
विज्ञापन
क्या है स्वाइन फ्लू
एटा। स्वाइन फ्लू एक विशेष प्रकार के वायरस इंफ्लूएंजा एच-1 एन 1 के कारण फैल रहा है। यह विषाणु सुअर में पाए जाने वाले विषाणुओं में से एक है।
ये हैं लक्षण
एटा। स्वाइन फ्लू में कई तरह के लक्षण देखने के लिए मिलते हैं। इसमें बुखार, खांसी, गले में तकलीफ, शरीर दर्द, सिर दर्द, कंपकपी, कमजोरी लगना प्रमुख हैं। कुछ मरीजों को उल्टी और दस्त की शिकायत भी रहती है।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू से बचाव
- छींकते समय मुंह और नाक को ढक लें।
- खाने से पहले हाथ अच्छे से धोएं।
- खराब पानी से दूर रहें।
- तबियत खराब लगने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं।