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अकबर-बाबतक सिमट कर रह गया इतिहास: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:48 PM IST
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आगरा। भारतीय शिक्षण मंडल की गोष्ठी में उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि पूर्व में पठन-पाठन में परिवर्तन लाने के कुचक्र रचे गए। यही वजह रही कि हमारी महानता अकबर और बाबर तक सिमट कर रह गई। नई पीढ़ी महाराणा प्रताप और लक्ष्मीबाई को भूलती जा रही है। वर्तमान सरकार महापुरुषों की कहानियों को पाठ्यक्रम में प्रमुखता से शामिल करेगी।
आगरा कालेज के गंगाधर शास्त्री सभागार में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ऋषि और कृषि का देश रहा है। अंग्रेजों ने साहित्य और इतिहास को विकृत करने का काम किया। इसके साथ ही तमाम आक्रांता आए। वो भारत से सब कुछ लूटकर ले गए लेकिन हमारी आध्यात्मिकता को नहीं लूट पाए। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि हम अपनी परंपराओं के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
दिनेश शर्मा ने कहा कि धर्म सदाचार को धारण करता है। पहले गुरुकुल होते थे, जिनमें राजा और रंक के बच्चे साथ-साथ समानभाव से पढ़ते थे। इसी भाव का पूरी दुनिया लोहा मानती है। भारत के युवा तमाम देशों के युवाओं से ज्यादा बुद्धिमान हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपना दायित्व समझें और गुणवत्ता शिक्षा पर ध्यान दें।
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आगरा कालेज के गंगाधर शास्त्री सभागार में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ऋषि और कृषि का देश रहा है। अंग्रेजों ने साहित्य और इतिहास को विकृत करने का काम किया। इसके साथ ही तमाम आक्रांता आए। वो भारत से सब कुछ लूटकर ले गए लेकिन हमारी आध्यात्मिकता को नहीं लूट पाए। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि हम अपनी परंपराओं के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
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दिनेश शर्मा ने कहा कि धर्म सदाचार को धारण करता है। पहले गुरुकुल होते थे, जिनमें राजा और रंक के बच्चे साथ-साथ समानभाव से पढ़ते थे। इसी भाव का पूरी दुनिया लोहा मानती है। भारत के युवा तमाम देशों के युवाओं से ज्यादा बुद्धिमान हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपना दायित्व समझें और गुणवत्ता शिक्षा पर ध्यान दें।
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