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डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से डेढ़ घंटे ठप रही ओपीडी
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:22 PM IST
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ अभद्रता के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी कार्य का बहिष्कार कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे तक मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। सीएमओ सीएमएस के साथ कोतवाली पहुंचे और डॉक्टरों का दबाव देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद डॉक्टर काम पर वापस लौटे।
शुक्रवार की देर शाम जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी कर रहीं ईएमओ डॉ. आकांक्षा सिंह और फार्मासिस्ट डॉ. शिवदत्त कुमार के साथ अस्पताल पहुंचे सपा जिला सचिव विश्वनाथ प्रजापति ने अभद्रता कर दी थी। डॉ. आकांक्षा सिंह ने शुक्रवार की रात ही आरोपी विश्वनाथ प्रजापति के विरुद्ध फार्मासिस्ट के साथ मारपीट करने। डॉक्टर के साथ गाली गलौज कर सरकारी कार्य बाधित करने की तहरीर दी थी। शनिवार को सुबह आठ बजे जैसे ही अस्पताल खुला डॉक्टरों ने ओपीडी कार्य का बहिष्कार कर दिया।
सीएमओ डॉ. एके पांडेय, सीएमएस डॉ. आरके सागर के साथ बड़ी संख्या में डॉक्टर और कर्मचारी कोतवाली पहुंच गए। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। सीएमओ और सीएमएस के सामने ही आरोपी के विरुद्ध धारा 332, 353 और 504 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद डॉक्टर काम पर वापस लौटे। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के चलते शनिवार को सुबह आठ बजे से 9:30 बजे तक ओपीडी में आने वाले सैकड़ों मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। कार्य बहिष्कार की जानकारी मिलते ही मरीजों ने प्राइवेट डॉक्टरों के यहां जाकर उपचार लिया। 9:30 बजे के बाद ओपीडी का कार्य शुरू हो सका।
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मैनपुरी। पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी विश्वनाथ प्रजापति को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद जेल भेजा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। जिला अस्पताल में पुलिस हिरासत में मेडिकल करा रहे विश्वनाथ प्रजापति का कहना था कि उसने केवल डॉक्टर से यह पूंछ लिया कि जिला अस्पताल में सीरींज क्यों नहीं है। बस इसी बात पर उसे झूठा फंसाया गया। उसने कोई गाली गलौज या मारपीट नहीं की।
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शुक्रवार की देर शाम जिला अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी कर रहीं ईएमओ डॉ. आकांक्षा सिंह और फार्मासिस्ट डॉ. शिवदत्त कुमार के साथ अस्पताल पहुंचे सपा जिला सचिव विश्वनाथ प्रजापति ने अभद्रता कर दी थी। डॉ. आकांक्षा सिंह ने शुक्रवार की रात ही आरोपी विश्वनाथ प्रजापति के विरुद्ध फार्मासिस्ट के साथ मारपीट करने। डॉक्टर के साथ गाली गलौज कर सरकारी कार्य बाधित करने की तहरीर दी थी। शनिवार को सुबह आठ बजे जैसे ही अस्पताल खुला डॉक्टरों ने ओपीडी कार्य का बहिष्कार कर दिया।
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सीएमओ डॉ. एके पांडेय, सीएमएस डॉ. आरके सागर के साथ बड़ी संख्या में डॉक्टर और कर्मचारी कोतवाली पहुंच गए। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। सीएमओ और सीएमएस के सामने ही आरोपी के विरुद्ध धारा 332, 353 और 504 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद डॉक्टर काम पर वापस लौटे। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के चलते शनिवार को सुबह आठ बजे से 9:30 बजे तक ओपीडी में आने वाले सैकड़ों मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। कार्य बहिष्कार की जानकारी मिलते ही मरीजों ने प्राइवेट डॉक्टरों के यहां जाकर उपचार लिया। 9:30 बजे के बाद ओपीडी का कार्य शुरू हो सका।
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मैनपुरी। पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी विश्वनाथ प्रजापति को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद जेल भेजा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। जिला अस्पताल में पुलिस हिरासत में मेडिकल करा रहे विश्वनाथ प्रजापति का कहना था कि उसने केवल डॉक्टर से यह पूंछ लिया कि जिला अस्पताल में सीरींज क्यों नहीं है। बस इसी बात पर उसे झूठा फंसाया गया। उसने कोई गाली गलौज या मारपीट नहीं की।