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मथुरा, कासगंज रूट की पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा बनी मुसीबत
Updated Thu, 07 Jun 2018 08:14 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर गाड़ियों में अधिक भीड़ का दबाव यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। 12 से 14 बोगी वाली पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों को लटक कर यात्रा करनी पड़ रही है। खाली पार्सल बोगी में यात्रा करने पर यात्रियों को आरपीएफ पकड़ लेती है।
पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत मथुरा से कासगंज तक पैसेंजर ट्रेनों की कम संख्या और अत्याधिक भीड़ की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। आम तौर पर इस रूट की पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों को खिड़कियों पर लटक कर यात्रा करते हुए कभी भी देखा जा सकता है। इसकी जानकारी रेलवे के आलाधिकारियों को भी है।
इस रूट पर निरीक्षण के दौरान भी यात्रियों ने इस स्थितियों से डीआरएम को भी अवगत कराया है, लेकिन न ट्रेन बढ़ी न ही उनमें डिब्बे। यहां तक कि मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने इस समस्या को रेलमंत्री के समक्ष भी रखा है। स्थिति फिर भी यथावत है। आरपीएफ के जवान मथुरा, हाथरस सहित विभिन्न स्टेशनों पर सभी कामकाज छोड़ सिर्फ ऐसे यात्रियों को ही अपना शिकार बनाते हैं।
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पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत मथुरा से कासगंज तक पैसेंजर ट्रेनों की कम संख्या और अत्याधिक भीड़ की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। आम तौर पर इस रूट की पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों को खिड़कियों पर लटक कर यात्रा करते हुए कभी भी देखा जा सकता है। इसकी जानकारी रेलवे के आलाधिकारियों को भी है।
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इस रूट पर निरीक्षण के दौरान भी यात्रियों ने इस स्थितियों से डीआरएम को भी अवगत कराया है, लेकिन न ट्रेन बढ़ी न ही उनमें डिब्बे। यहां तक कि मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने इस समस्या को रेलमंत्री के समक्ष भी रखा है। स्थिति फिर भी यथावत है। आरपीएफ के जवान मथुरा, हाथरस सहित विभिन्न स्टेशनों पर सभी कामकाज छोड़ सिर्फ ऐसे यात्रियों को ही अपना शिकार बनाते हैं।
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