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मासूम से छेड़खानी के आरोपी का साढ़े तीन साल की सश्रम सजा
Updated Wed, 30 May 2018 11:10 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कासगंज।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 1 कृपाशंकर शर्मा के न्यायालय ने मासूम बालिका से छेड़खानी करने के आरोपी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
पटियाली क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय बालिका 12 जून 2015 को अपने घर के पास स्थित स्कूल में खेल रही थी। इसी बीच गांव का ही युवक मोनू वहां पहुंच गया। मोनू ने बालिका की मारपीट करने के बाद उसका मुंह बंद कर उसके साथ छेडख़ानी शुरू कर दी। किसी तरह बालिका ने आरोपी का हाथ मुंह से हटाकर शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों के आ जाने पर आरोपी मौके से भाग गया। इस मामले में 14 जून को आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पीड़िता सहित आधा दर्जन गवाह पेश किए। गवाहों के वयान एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 354, 7/8 पॉक्सो एक्ट का दोषी माना। न्यायालय ने आरोपी को साढ़े तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर लगाए गए 10 हजार रुपये के जुर्माने में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 1 कृपाशंकर शर्मा के न्यायालय ने मासूम बालिका से छेड़खानी करने के आरोपी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
पटियाली क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय बालिका 12 जून 2015 को अपने घर के पास स्थित स्कूल में खेल रही थी। इसी बीच गांव का ही युवक मोनू वहां पहुंच गया। मोनू ने बालिका की मारपीट करने के बाद उसका मुंह बंद कर उसके साथ छेडख़ानी शुरू कर दी। किसी तरह बालिका ने आरोपी का हाथ मुंह से हटाकर शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों के आ जाने पर आरोपी मौके से भाग गया। इस मामले में 14 जून को आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पीड़िता सहित आधा दर्जन गवाह पेश किए। गवाहों के वयान एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 354, 7/8 पॉक्सो एक्ट का दोषी माना। न्यायालय ने आरोपी को साढ़े तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर लगाए गए 10 हजार रुपये के जुर्माने में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
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