{"_id":"5b06cd674f1c1ba36e8b461b","slug":"161527172455-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंद्रह घंटे देर से पहुंची छपरा एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंद्रह घंटे देर से पहुंची छपरा एक्सप्रेस
Updated Thu, 24 May 2018 08:24 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। बुधवार की रात 9:30 बजे जंक्शन पहुंचने वाली छपरा एक्सप्रेस गुरुवार की दोपहर एक बजे पहुंची। ट्रेन के देरी से पहुंचने की वजह से उन यात्रियों को सर्वाधिक परेशानी हुई जिन्हें दूसरी ट्रेन में सवार होकर जाना था, इसके लिए पहले से ही टिकट आरक्षित कराया हुआ था।
छपरा-मथुरा के बीच चलने वाली छपरा एक्सप्रेस सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मथुरा जंक्शन पहुंचती है। इसके जंक्शन पहुंचने का समय रात 9:30 बजे का है। करीब डेढ़ घंटे रुकने के बाद ट्रेन फिर से छपरा के लिए रवाना हो जाती है। पटना निवासी चंदन कुमार भी उन यात्रियों में से एक थे, जिन्हें कोटा इंटरसिटी में परिवार के साथ सवार होना था।
इसके लिए उन्होंने आरक्षण कराया हुआ था। उन्हें बुधवार की रात 12:40 बजे मथुरा जंक्शन से ट्रेन में सवार होना था, लेकिन छपरा एक्सप्रेस के देरी से पहुंचने के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। उनके साथ उनके पिता रामाशीश प्रसाद, पत्नी रानी देवी और दो वर्षीय बेटा युवराज भी था। वह अपनी टिकट को लेकर जंक्शन पर यहां वहां भटकते रहे।
विज्ञापन
चार घंटे से अधिक ट्रेन लेट होती है तो यात्री टिकट का पूरा पैसा वापस ले सकता है। जानकारी के अभाव में यात्री परेशान होते हैं। बुधवार की रात को आने वाली छपरा एक्सप्रेस गुरुवार की दोपहर जंक्शन पहुंची।
- एनपी सिंह, स्टेशन डायरेक्टर
विज्ञापन
छपरा-मथुरा के बीच चलने वाली छपरा एक्सप्रेस सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मथुरा जंक्शन पहुंचती है। इसके जंक्शन पहुंचने का समय रात 9:30 बजे का है। करीब डेढ़ घंटे रुकने के बाद ट्रेन फिर से छपरा के लिए रवाना हो जाती है। पटना निवासी चंदन कुमार भी उन यात्रियों में से एक थे, जिन्हें कोटा इंटरसिटी में परिवार के साथ सवार होना था।
विज्ञापन
इसके लिए उन्होंने आरक्षण कराया हुआ था। उन्हें बुधवार की रात 12:40 बजे मथुरा जंक्शन से ट्रेन में सवार होना था, लेकिन छपरा एक्सप्रेस के देरी से पहुंचने के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। उनके साथ उनके पिता रामाशीश प्रसाद, पत्नी रानी देवी और दो वर्षीय बेटा युवराज भी था। वह अपनी टिकट को लेकर जंक्शन पर यहां वहां भटकते रहे।
विज्ञापन
चार घंटे से अधिक ट्रेन लेट होती है तो यात्री टिकट का पूरा पैसा वापस ले सकता है। जानकारी के अभाव में यात्री परेशान होते हैं। बुधवार की रात को आने वाली छपरा एक्सप्रेस गुरुवार की दोपहर जंक्शन पहुंची।
- एनपी सिंह, स्टेशन डायरेक्टर