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अगर कम हैं नंबर, तो नहीं पालें तनाव, करें ये काम
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:37 AM IST
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एटा। यूपी बोर्ड दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम आ चुका है। अगर आपके अंक कम भी हैं या रिजल्ट खराब भी है, तो ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। तनाव से आपको नुकसान ही होगा। अभिभावक भी बच्चों पर रिजल्ट को लेकर ज्यादा दबाव न बनाएं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का परीक्षा परिणाम आने के बाद जिन छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है जाहिर है वह इस वक्त काफी परेशान होंगे। उन्हें अपने करियर का डर सता रहा होगा। काउंसलर्स कहते हैं कि करियर के इस अहम पड़ाव पर बेहद संयम के साथ काम लेना चाहिए।
इस समय माता-पिता की भूमिका बेहद अहम होती है। काउंसलर वीरेंद्र चौहान कहते हैं कि बोर्ड रिजल्ट करियर की दिशा तय नहीं करते। पांच साल बाद आपके 12वीं बोर्ड परीक्षा अंक नहीं देखे जाएंगे, बल्कि यह पूछा जाता है कि 12वीं के बाद क्या किया है।
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परामर्श केंद्र की काउंसलर डा. श्यामलता वेद कहती हैं कि अभिभावक परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने पर अपने बच्चे की तुलना आसपास के बच्चों से न करें। अपने बच्चे को और हतोत्साहित और निराश करना गलत है। उसे नीचा न दिखाएं। इ
ससे बच्चे का आत्मविश्वास का स्तर घटता है। ऐसी स्थिति में उन्हें समझाएं कि एक असफलता करियर का फैसला नहीं कर सकती। भविष्य की ओर देखें।
इन बातों का रखें ध्यान
- तनाव से दूर रहने के लिए ध्यान और योग करें।
- अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा न सोचें। पास होने की खुशी मनाएं। डर को अपने दिल से निकाल दें।
-अपने पसंदीदा काम करें।
- कहीं घूमने जा सकते हैं. खुद को किसी न किसी एक्टिविटी में बिजी रखें।
- अभिभावक बच्चों को आजादी दें। उसके साथ अच्छा व्यवहार करें। सकारात्मक रूख अपनाएं।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का परीक्षा परिणाम आने के बाद जिन छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है जाहिर है वह इस वक्त काफी परेशान होंगे। उन्हें अपने करियर का डर सता रहा होगा। काउंसलर्स कहते हैं कि करियर के इस अहम पड़ाव पर बेहद संयम के साथ काम लेना चाहिए।
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इस समय माता-पिता की भूमिका बेहद अहम होती है। काउंसलर वीरेंद्र चौहान कहते हैं कि बोर्ड रिजल्ट करियर की दिशा तय नहीं करते। पांच साल बाद आपके 12वीं बोर्ड परीक्षा अंक नहीं देखे जाएंगे, बल्कि यह पूछा जाता है कि 12वीं के बाद क्या किया है।
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परामर्श केंद्र की काउंसलर डा. श्यामलता वेद कहती हैं कि अभिभावक परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने पर अपने बच्चे की तुलना आसपास के बच्चों से न करें। अपने बच्चे को और हतोत्साहित और निराश करना गलत है। उसे नीचा न दिखाएं। इ
ससे बच्चे का आत्मविश्वास का स्तर घटता है। ऐसी स्थिति में उन्हें समझाएं कि एक असफलता करियर का फैसला नहीं कर सकती। भविष्य की ओर देखें।
इन बातों का रखें ध्यान
- तनाव से दूर रहने के लिए ध्यान और योग करें।
- अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा न सोचें। पास होने की खुशी मनाएं। डर को अपने दिल से निकाल दें।
-अपने पसंदीदा काम करें।
- कहीं घूमने जा सकते हैं. खुद को किसी न किसी एक्टिविटी में बिजी रखें।
- अभिभावक बच्चों को आजादी दें। उसके साथ अच्छा व्यवहार करें। सकारात्मक रूख अपनाएं।