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विकास भवन से लेकर सीएमओ दफ्तर तक गरजे ग्रामीण
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:39 PM IST
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सीएमओ दफ्तर में तालाबंदी करते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। ग्राम सगामई से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद किए जाने से भड़के ग्रामीणों ने बुधवार को विकास भवन से लेकर सीएमओ दफ्तर तक हुंकार भरी। प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीणों ने विकास भवन के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की। सीएमओ कार्यालय में ताला लगा दिया। इतना ही नहीं पीएचसी शुरू नहीं होने पर इमारत गिराने का एलान भी किया। ग्रामीणों के तेवर देख शाम को ही सीएमओ ने पीएचसी पर छह लोगों का स्टाफ तैनात कर दिया।
पीएचसी बंद होने से नाराज ग्रामीणों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों ग्रामीण डंडों के साथ नारेबाजी करते हुए विकास भवन का घेराव किया। प्रर्दशन करते हुए परिसर में हंगामा भी काटा। इस दौरान कई ग्रामीणों ने विकास भवन के दरवाजों को भी तोड़ने की कोशिश की।
ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पीएचसी को दुबारा खोलने की मांग की। काफी देर तक सीडीओ के नहीं मिलने पर ग्रामीण सीएमओ कार्यालय पहुंचकर वहां ताला डाल दिया। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए कर्मचारियों ने 100 नंबर पर फोन पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यालय का ताला खुलवाया। अस्पताल संचालन का आश्वासन मिलने पर ही ग्रामीण शांत हुए।
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गांव सगामई में पिछले 36 साल से पीएचसी कार्यरत थी। वहीं सात किमी दूर गांव भांवत में सीएचसी का निर्माण किया गया। एक सप्ताह पूर्व पीएचसी को बंद कर उसका सामान सीएचसी पर पहुंचा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी पर 36 गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। इसके बंद होने से रात के समय में कोई भी चिकित्सा का साधन नहीं बचा है। इसलिए इसे भी चालू रहने देना चाहिए।
सीडीओ विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीणों की मांगे जायज थी। इसलिए सीएमओ को तत्काल प्रभाव से स्टाफ की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सगामई पर स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। बाकी की व्यवस्था भी जल्द से जल्द कर दी जाएगी।
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पीएचसी बंद होने से नाराज ग्रामीणों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों ग्रामीण डंडों के साथ नारेबाजी करते हुए विकास भवन का घेराव किया। प्रर्दशन करते हुए परिसर में हंगामा भी काटा। इस दौरान कई ग्रामीणों ने विकास भवन के दरवाजों को भी तोड़ने की कोशिश की।
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ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पीएचसी को दुबारा खोलने की मांग की। काफी देर तक सीडीओ के नहीं मिलने पर ग्रामीण सीएमओ कार्यालय पहुंचकर वहां ताला डाल दिया। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए कर्मचारियों ने 100 नंबर पर फोन पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यालय का ताला खुलवाया। अस्पताल संचालन का आश्वासन मिलने पर ही ग्रामीण शांत हुए।
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गांव सगामई में पिछले 36 साल से पीएचसी कार्यरत थी। वहीं सात किमी दूर गांव भांवत में सीएचसी का निर्माण किया गया। एक सप्ताह पूर्व पीएचसी को बंद कर उसका सामान सीएचसी पर पहुंचा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी पर 36 गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। इसके बंद होने से रात के समय में कोई भी चिकित्सा का साधन नहीं बचा है। इसलिए इसे भी चालू रहने देना चाहिए।
सीडीओ विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीणों की मांगे जायज थी। इसलिए सीएमओ को तत्काल प्रभाव से स्टाफ की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सगामई पर स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। बाकी की व्यवस्था भी जल्द से जल्द कर दी जाएगी।