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पंचायतीराज समिति के सामने पेश हुए डीपीआरओ
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। जिले क ी ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों की लापरवाही के चलते पंचायत राज अधिकारी को सभापति पंचायती राज समिति के समक्ष पेश होना पड़ा। विकास कार्यों को मिली करोड़ों रुपये की धनराशि का हिसाब-किताब नहीं दिया। समिति ने संबंधित प्रधानों और सचिवों को पंचायतराज अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए हैं।
जिले में 235 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिन्होंने अलग-अलग वित्तीय वर्ष के दौरान मिली करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च तो कर ली, लेकिन उसका हिसाब किताब नहीं दिया। इसमें संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव की लापरवाही सामने आ रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर हुई लापरवाही के चलते पंचायत राज विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
ऑडिट के दौरान पकड़ में आई खामियों के निस्तारण में बरती गई हद दर्जे की लापरवाही पर सभापति पंचायती राज समिति और अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने विभागीय अफसरों को पूर्ण विवरण के साथ लखनऊ तलब किया था। जहां सुनवाई के दौरान समिति के सदस्यों ने 14वें व राज्य वित्त के माध्यम से दी गई धनराशि का हिसाब-किताब नहीं देने पर डीपीआरओ व अन्य कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाईं। सभापति द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों से जुडे़ हिसाब-किताब को पंद्रह दिन के अंदर प्रस्तुत करने को निर्देशित किया है।
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जिले में 235 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिन्होंने अलग-अलग वित्तीय वर्ष के दौरान मिली करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च तो कर ली, लेकिन उसका हिसाब किताब नहीं दिया। इसमें संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव की लापरवाही सामने आ रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर हुई लापरवाही के चलते पंचायत राज विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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ऑडिट के दौरान पकड़ में आई खामियों के निस्तारण में बरती गई हद दर्जे की लापरवाही पर सभापति पंचायती राज समिति और अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने विभागीय अफसरों को पूर्ण विवरण के साथ लखनऊ तलब किया था। जहां सुनवाई के दौरान समिति के सदस्यों ने 14वें व राज्य वित्त के माध्यम से दी गई धनराशि का हिसाब-किताब नहीं देने पर डीपीआरओ व अन्य कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाईं। सभापति द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों से जुडे़ हिसाब-किताब को पंद्रह दिन के अंदर प्रस्तुत करने को निर्देशित किया है।
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