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पुलिस की जांच में ओरियल कंपनी दोषी
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एसबीआई
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कासगंज। एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र पर घोटाले की जांच में ओरियल कंपनी सीधे सीधे दोषी पाई गई है। प्रशासनिक जांच के बाद अब पुलिस ने भी कंपनी को प्रथम दृष्टया दोषी माना है। ओरियल कंपनी और ग्राहक सेवा केंद्र से संबंधित दस्तावेज पुलिस ने एसबीआई से मांगे हैं।
पुलिस की विवेचना में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक अर्जुन धोखाधड़ी के अलावा फर्जीवाड़े का भी दोषी माना गया है। पुलिस ने विवेचना के दौरान मुकदमे में फर्जीवाड़े की धाराएं बढ़ा दी हैं। इसके अलावा जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि ग्राहक सेवा केंद्र को स्वीकृति देने वाली ओरियल कंपनी भी घोटाले के लिए सीधे दोषी है। कंपनी ने ग्राहक सेवा केंद्र की शिकायतों को अनदेखा किया। उपभोक्ताओं के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अब ओरियल कंपनी के कार्यालय गुरुग्राम जाएगी और जालसाजी के जिम्मेदारों से पूछताछ करेगी। पुलिस जिम्मेदारी की गिरफ्तारी भी कर सकती है। वहीं जालसाज अर्जुन की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। हालांकि वह अब तक गिरफ्त में नहीं आ सका है। प्रशासनिक जांच टीम जांच रिपोर्ट में पहले ही ओरियल कंपनी और एसबीआई के अफसरों को दोषी ठहरा चुकी है। पुलिस जांच रिपोर्ट को भी विवेचना में शामिल कर रही है।
आंकड़े की नजर से
150 से अधिक उपभोक्ताओं ने पुलिस ने दर्ज किए बयान
3929 उपभोक्ता हुए जालसाजी का शिकार
3 स्तरों पर हो रही है घोटाले की जांच
विवेचना में प्रशासनिक जांच को शामिल किया जाएगा। प्रथम दृष्टया ओरियल कंपनी भी घोटाले के लिए जिम्म्ेदार है। कंपनी के गुरुग्राम कार्यालय पहुंचकर पुलिस टीम जांच करेगी।
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- रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी सोरों
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पुलिस की विवेचना में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक अर्जुन धोखाधड़ी के अलावा फर्जीवाड़े का भी दोषी माना गया है। पुलिस ने विवेचना के दौरान मुकदमे में फर्जीवाड़े की धाराएं बढ़ा दी हैं। इसके अलावा जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि ग्राहक सेवा केंद्र को स्वीकृति देने वाली ओरियल कंपनी भी घोटाले के लिए सीधे दोषी है। कंपनी ने ग्राहक सेवा केंद्र की शिकायतों को अनदेखा किया। उपभोक्ताओं के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अब ओरियल कंपनी के कार्यालय गुरुग्राम जाएगी और जालसाजी के जिम्मेदारों से पूछताछ करेगी। पुलिस जिम्मेदारी की गिरफ्तारी भी कर सकती है। वहीं जालसाज अर्जुन की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। हालांकि वह अब तक गिरफ्त में नहीं आ सका है। प्रशासनिक जांच टीम जांच रिपोर्ट में पहले ही ओरियल कंपनी और एसबीआई के अफसरों को दोषी ठहरा चुकी है। पुलिस जांच रिपोर्ट को भी विवेचना में शामिल कर रही है।
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150 से अधिक उपभोक्ताओं ने पुलिस ने दर्ज किए बयान
3929 उपभोक्ता हुए जालसाजी का शिकार
3 स्तरों पर हो रही है घोटाले की जांच
विवेचना में प्रशासनिक जांच को शामिल किया जाएगा। प्रथम दृष्टया ओरियल कंपनी भी घोटाले के लिए जिम्म्ेदार है। कंपनी के गुरुग्राम कार्यालय पहुंचकर पुलिस टीम जांच करेगी।
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- रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी सोरों