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बीस हजार गर्भवतियों पर नहीं है आधार
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आधार कार्ड
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एटा। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के आधार कार्डों की फीडिंग हो रही है। जहां केंद्र पर पंजीकृत 60 हजार लाभार्थियों के आधार कार्ड नहीं है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इनमें 20 हजार गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनके आधार कार्ड ही नहीं है।
कुपोषण से मुक्त करने के लिए जिले में कई योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं के तहत जिले में संचालित 1668 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत दो लाख 50 हजार से अधिक लाभार्थियों के लिए प्रतिमाह मीठा और नमकीन दलिया सहित अन्य सामग्री भी आती है। इसमें बड़ा खेल हो रहा था। इसे रोकने लिए लाभार्थियों का आधार कार्ड लिंक कराने के निर्देश दिए थे। जिले में अब तक एक लाख 20 हजार लाभार्थियों का आधार कार्ड पंजीकरण कर लिया है। इस दौरान 60 हजार लाभार्थियों के पास आधार कार्ड न होने की बात सामने आई है। इसमें 20 हजार गर्भवती महिलाएं भी हैं। जबकि अभी 70 फीसदी ही लाभार्थियों का आधार कार्ड लिंक हो पाया है।
आधार नहीं तो देना होगा प्रमाण पत्र
जिन गर्भवतियों के आधार कार्ड नहीं हैं, उन्हें योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम प्रधान और सचिव से सत्यापित प्रमाण पत्र देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि बिना आधार कार्ड किसी भी व्यक्ति को सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे में योजना में प्रमाण पत्र को शामिल किया गया है।
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ये है लाभार्थियों की संख्या
0-06 माह तक के बच्चे - 15 हजार
07 माह- 06 साल तक के बच्चे- 25 हजार
बिना आधार गभर्वती महिलाओं की संख्या- 20 हजार
आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों की संख्या में खेल चल रहा था। इसको देखते हुए सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड लिंक कराए जा रहे हैं। इससे पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता आएगी। जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं है। उनसे प्रधान और सचिव से सत्यापित प्रमाण पत्र लिया जा रहा है।
एसपी पांडेय, डीपीओ
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कुपोषण से मुक्त करने के लिए जिले में कई योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं के तहत जिले में संचालित 1668 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत दो लाख 50 हजार से अधिक लाभार्थियों के लिए प्रतिमाह मीठा और नमकीन दलिया सहित अन्य सामग्री भी आती है। इसमें बड़ा खेल हो रहा था। इसे रोकने लिए लाभार्थियों का आधार कार्ड लिंक कराने के निर्देश दिए थे। जिले में अब तक एक लाख 20 हजार लाभार्थियों का आधार कार्ड पंजीकरण कर लिया है। इस दौरान 60 हजार लाभार्थियों के पास आधार कार्ड न होने की बात सामने आई है। इसमें 20 हजार गर्भवती महिलाएं भी हैं। जबकि अभी 70 फीसदी ही लाभार्थियों का आधार कार्ड लिंक हो पाया है।
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आधार नहीं तो देना होगा प्रमाण पत्र
जिन गर्भवतियों के आधार कार्ड नहीं हैं, उन्हें योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम प्रधान और सचिव से सत्यापित प्रमाण पत्र देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि बिना आधार कार्ड किसी भी व्यक्ति को सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे में योजना में प्रमाण पत्र को शामिल किया गया है।
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ये है लाभार्थियों की संख्या
0-06 माह तक के बच्चे - 15 हजार
07 माह- 06 साल तक के बच्चे- 25 हजार
बिना आधार गभर्वती महिलाओं की संख्या- 20 हजार
आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों की संख्या में खेल चल रहा था। इसको देखते हुए सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड लिंक कराए जा रहे हैं। इससे पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता आएगी। जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं है। उनसे प्रधान और सचिव से सत्यापित प्रमाण पत्र लिया जा रहा है।
एसपी पांडेय, डीपीओ