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क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, आराम फरमा रहे कर्मचारी
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क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, आराम फरमा रहे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। गेहूं खरीद लक्ष्य अभी तक कोसों दूर है और क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन दावे चाहे जितने कर ले, लेकिन लक्ष्य पूरा करने में पसीने छूट जाएंगे। क्रय केंद्रों से किसान पूरी तरह से नदारद हो गए हैं। ऐसे में क्रय केंद्रों पर कर्मचारी पूरी तरह से सुस्ताने लगे हैं।
जिले को मिले 60 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य में से अब तक सरकारी मशीनरी 60 फीसदी खरीद होने का दावा कर रही है। लेकिन इतनी खरीद होने के बाद क्रय केंद्रों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसराना शुरू हो गया है। सोमवार को मंडी समिति स्थित सभी क्रय केंद्रों से किसान पूरी तरह से गायब देखे गए। क्रय केंद्रों पर लगाई गई लेबर और कर्मचारी पूरी तरह से सुस्ताने दिखे। कोई पेंड के नीचे सोता हुआ पाया गया तो किसी ने कुर्सी को ही अपना विस्तार बना लिया। ऐसी स्थिति से साफ जाहिर होने लगा है कि अब क्रय केंद्रों पर शायद ही किसान अपना गेहूं बिक्री के लिए लेकर पहुंचेंगे। जिम्मेदार शेष बचे लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्या विधि अपनाते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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जिले को मिले 60 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य में से अब तक सरकारी मशीनरी 60 फीसदी खरीद होने का दावा कर रही है। लेकिन इतनी खरीद होने के बाद क्रय केंद्रों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसराना शुरू हो गया है। सोमवार को मंडी समिति स्थित सभी क्रय केंद्रों से किसान पूरी तरह से गायब देखे गए। क्रय केंद्रों पर लगाई गई लेबर और कर्मचारी पूरी तरह से सुस्ताने दिखे। कोई पेंड के नीचे सोता हुआ पाया गया तो किसी ने कुर्सी को ही अपना विस्तार बना लिया। ऐसी स्थिति से साफ जाहिर होने लगा है कि अब क्रय केंद्रों पर शायद ही किसान अपना गेहूं बिक्री के लिए लेकर पहुंचेंगे। जिम्मेदार शेष बचे लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्या विधि अपनाते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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