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टूंडला विधानसभा सीट पर उपचुनाव की हलचल शुरू
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टूंडला। आगरा लोकसभा (सुरक्षित) सीट से भाजपा से टूंडला क्षेत्र के विधायक एवं मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के जीत जाने के बाद टूंडला सीट खाली हो गई। बघेल की जीत के बाद से टूंडला विधानसभा उप-चुनाव के लिए हलचल शुरू हो गई है। टूंडला विधानसभा सीट (सुरक्षित) सीट है। इस पर 2017 के आम चुनाव में भाजपा के बघेल ने जीत दर्ज की थी।
प्रोफेसर बघेल पर दाव लगाते हुए भाजपा ने उन्हें आगरा (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने चुनाव में जीत भी दर्ज कर ली और अब उनके केंद्रीय मंत्री मंडल में जाने की अटकलें लगने लगी है। ऐसे में टूंडला विधानसभा में छह माह के अंदर चुनाव होना लाजमी है। भाजपा से टिकट प्राप्त करने वालों की लंबी लाइन लगी हुई है। टिकट के लिए प्रयासरत लोगों का मानना है कि यदि उन्हें टिकट मिल गई तो उनकी जीत पक्की है।
वहीं दूसरी तरफ सपा और बसपा गठबंधन होने के बाद से कार्यकर्ताओं में यही असमंजस बना हुआ है कि टूंडला उप-चुनाव में सपा चुनाव लड़ेगी या फिर बसपा। हालांकि लोकसभा सपा के हिस्से में थी तो विधानसभा बसपा के हिस्से में जाना माना जा रहा है। वहीं जानकारों का कहना है कि बसपा उपचुनाव नहीं लड़ती है और बसपा या तो सपा प्रत्याशी को सपोर्ट करेगी या फिर बात बनने पर अपने प्रत्याशी को सपा के सिंबल पर लड़ाएगी।
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ऐसे में सपा में पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों को मायूसी हाथ लग सकती है। वहीं कुछ ने तो अभी से टिकट न मिलने की स्थिति में पाला बदलने का भी मन बना लिया है और भाजपा के शीर्ष नेताओं के यहां हाजिरी लगाने लगे हैं।
विधानसभा उपचुनाव में लंबी है भाजपा की लिस्ट
टूंडला। विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा में लंबी लिस्ट है। पूर्व विधायक शिवसिंह चक, पूर्व विधायक मोहनदेव शंखवार, टूंडला पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक, नीलम दिवाकर, सुशील चक, सतीश दिवाकर, पूर्व ब्लाक प्रमुख हनुमंत सिंह बघेल आदि हैं।
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प्रोफेसर बघेल पर दाव लगाते हुए भाजपा ने उन्हें आगरा (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने चुनाव में जीत भी दर्ज कर ली और अब उनके केंद्रीय मंत्री मंडल में जाने की अटकलें लगने लगी है। ऐसे में टूंडला विधानसभा में छह माह के अंदर चुनाव होना लाजमी है। भाजपा से टिकट प्राप्त करने वालों की लंबी लाइन लगी हुई है। टिकट के लिए प्रयासरत लोगों का मानना है कि यदि उन्हें टिकट मिल गई तो उनकी जीत पक्की है।
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वहीं दूसरी तरफ सपा और बसपा गठबंधन होने के बाद से कार्यकर्ताओं में यही असमंजस बना हुआ है कि टूंडला उप-चुनाव में सपा चुनाव लड़ेगी या फिर बसपा। हालांकि लोकसभा सपा के हिस्से में थी तो विधानसभा बसपा के हिस्से में जाना माना जा रहा है। वहीं जानकारों का कहना है कि बसपा उपचुनाव नहीं लड़ती है और बसपा या तो सपा प्रत्याशी को सपोर्ट करेगी या फिर बात बनने पर अपने प्रत्याशी को सपा के सिंबल पर लड़ाएगी।
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ऐसे में सपा में पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों को मायूसी हाथ लग सकती है। वहीं कुछ ने तो अभी से टिकट न मिलने की स्थिति में पाला बदलने का भी मन बना लिया है और भाजपा के शीर्ष नेताओं के यहां हाजिरी लगाने लगे हैं।
विधानसभा उपचुनाव में लंबी है भाजपा की लिस्ट
टूंडला। विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा में लंबी लिस्ट है। पूर्व विधायक शिवसिंह चक, पूर्व विधायक मोहनदेव शंखवार, टूंडला पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक, नीलम दिवाकर, सुशील चक, सतीश दिवाकर, पूर्व ब्लाक प्रमुख हनुमंत सिंह बघेल आदि हैं।