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नहीं थम रहीं बीमारी, बुखार से एक और मौत
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जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज।
- फोटो : demo pic
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार मरीजों की मौत हो रही है। शनिवार को जहां एक वृद्धा की बुखार की चपेट में आने से मौत हुई थी। वहीं रविवार को भी एक वृद्ध ने बुखार से पीड़ित होने पर दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में रविवार को ओपीडी का अवकाश होने के बाद भी इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की इमरजेंसी में 47 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। यहां से पांच मरीजों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया।
नगर के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी 92 वर्षीय शिवराज दुबे को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। रविवार को उनकी हालत बिगड़ी। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार का कहना था कि तेज धूप और गर्मी के कारण अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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उपचार में न करें लापरवाही
सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि गर्मी के मौसम में डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उपचार में लापरवाही पर लोगों की जान में आफत आ जाती है। यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार या डायरिया की दिक्कत हो तो उपचार में देरी न की जाए। जिला अस्पताल में नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है। यदि मरीज को समय से भर्ती कराया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है।
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जिला अस्पताल में रविवार को ओपीडी का अवकाश होने के बाद भी इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की इमरजेंसी में 47 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। यहां से पांच मरीजों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया।
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नगर के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी 92 वर्षीय शिवराज दुबे को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। रविवार को उनकी हालत बिगड़ी। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार का कहना था कि तेज धूप और गर्मी के कारण अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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उपचार में न करें लापरवाही
सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि गर्मी के मौसम में डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उपचार में लापरवाही पर लोगों की जान में आफत आ जाती है। यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार या डायरिया की दिक्कत हो तो उपचार में देरी न की जाए। जिला अस्पताल में नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है। यदि मरीज को समय से भर्ती कराया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है।