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136 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का जिले में होगा निर्माण
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आंगनबाड़ी केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला डेमाे
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मैनपुरी। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा कवायद की जा रही है। इसके लिए सभी गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं, लेकिन हाल ये है कि आंगनबाड़ी केंद्र ही कुपोषण का शिकार हैं। भवन न होने से उन्हें परेशानी होती है। इसके चलते अब 136 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति दी है।
जिले में कुल 1788 केंद्र संचालित हैं। इनमें से अब तक केवल 265 केंद्रों के पास ही अपना भवन था। इसके अलावा 281 केंद्र किराए के भवनों में व अन्य परिषदीय विद्यालयों के अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रहे थे। अब 136 नए केंद्रों के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। कुल 7.52 लाख की लागत से प्रत्येक केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। छह माह के अंदर इन भवनों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन इन भवनों के निर्माण से ही परेशानी दूर नहीं होगी। इसके बाद भी 145 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे रह जाएंगे, जो किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। इनके लिए फिर से एक बार डिमांड शासन को भेजी जाएगी।
बीते वर्ष 147 भवनों का हुआ था निर्माण
जिले को पिछले वर्ष भी नए आंगनबाड़ी केंद्रों की सौगात मिली थी। कुल 147 भवनों का निर्माण कर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए सौंप दिया गया है। इन भवनों के बनने से अब केंद्र किराए के भवन में संचालित न होकर निजी भवन में संचालित हो रहे हैं।
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हर बार किराए के भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण के लिए शासन को डिमांड भेजी जाती है। जितने भवनों का बजट स्वीकृत होता है, उनका निर्माण कराया जाता है।
अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मैनपुरी।
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जिले में कुल 1788 केंद्र संचालित हैं। इनमें से अब तक केवल 265 केंद्रों के पास ही अपना भवन था। इसके अलावा 281 केंद्र किराए के भवनों में व अन्य परिषदीय विद्यालयों के अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रहे थे। अब 136 नए केंद्रों के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। कुल 7.52 लाख की लागत से प्रत्येक केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। छह माह के अंदर इन भवनों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन इन भवनों के निर्माण से ही परेशानी दूर नहीं होगी। इसके बाद भी 145 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे रह जाएंगे, जो किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। इनके लिए फिर से एक बार डिमांड शासन को भेजी जाएगी।
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बीते वर्ष 147 भवनों का हुआ था निर्माण
जिले को पिछले वर्ष भी नए आंगनबाड़ी केंद्रों की सौगात मिली थी। कुल 147 भवनों का निर्माण कर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए सौंप दिया गया है। इन भवनों के बनने से अब केंद्र किराए के भवन में संचालित न होकर निजी भवन में संचालित हो रहे हैं।
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हर बार किराए के भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण के लिए शासन को डिमांड भेजी जाती है। जितने भवनों का बजट स्वीकृत होता है, उनका निर्माण कराया जाता है।
अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मैनपुरी।