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अरुणांचल एक्सप्रेस में महिला ने जना बच्चा, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:33 PM IST
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शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। आनंद बिहार से गोरखपुर जा रही अरुणांचल एक्सप्रेस के एसी कोच में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। ट्रेन में बच्चे के जन्म लेने की जानकारी होते ही कोच में तैनात टीटीई ने शिकोहाबाद में ट्रेन रुकवाने के लिए कहा। ट्रेन के आते ही पहले से ही तैयार आरपीएफ और जीआरपी प्रभारी ने एंबूलेंस मंगवा कर जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
गोरखपुर के थाना गुगहा क्षेत्र अंतर्गत कास्तमिश्रोनी निवासी धीरज भट्ट (30) अपनी पत्नी अर्चना (25) और बेटा रीतेश (3) के साथ अरुणांचल एक्सप्रेस से आनंद बिहार से गोरखपुर अपने घर जा रहे थे। धीरज दिल्ली में कोटा इंडस्ट्रियल इप्रोडेक्ट कंपनी में नौकरी करता है।
धीरज ने बताया कि खुर्जा निकलते ही पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब असहनीय पीढ़ा हुई तो उसने कोच अंटेंड से गाड़ी को रुकवाने के लिए कहा। गाड़ी का स्टापेज कानपुर था। इससे टीटीई ने गाड़ी को शिकोहाबाद रोकने के लिए कहा। इस दौरान महिला ने बच्चे को ट्रेन में ही जन्म दे दिया। महिला को प्रसव पीढ़ा होने से ट्रेन में यात्रा कर रही अन्य महिलाओं ने उसकी मदद की।
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इस दौरान ट्रेन शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं। यहां पर पहले से ही तैयार आरपीएफ प्रभारी एलपी पचौरी और जीआरपी प्रभारी केबी शुक्ला स्टाफ के साथ तैयार थे। ट्रेन के रुकते ही आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ ने महिला को कोच से अटेंड किया और संयुक्त चिकित्सालय में एंबूलेंस द्वारा भर्ती कराया। यहां महिला अस्पताल स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को महिला वार्ड में भर्ती कर लिया।
धीरज भट्ट ने ट्रेन से लेकर अस्पताल तक मिले सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि इसी तरह पीड़ित की मदद की जाए तो उसे पता ही नहीं चले कि वह अपनों के बीच में नहीं हैं। फिलहाल धीरज ने अपनी पत्नी और नन्हें बच्चे के स्वस्थ होने पर संतोष व्यक्त किया।
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गोरखपुर के थाना गुगहा क्षेत्र अंतर्गत कास्तमिश्रोनी निवासी धीरज भट्ट (30) अपनी पत्नी अर्चना (25) और बेटा रीतेश (3) के साथ अरुणांचल एक्सप्रेस से आनंद बिहार से गोरखपुर अपने घर जा रहे थे। धीरज दिल्ली में कोटा इंडस्ट्रियल इप्रोडेक्ट कंपनी में नौकरी करता है।
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धीरज ने बताया कि खुर्जा निकलते ही पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब असहनीय पीढ़ा हुई तो उसने कोच अंटेंड से गाड़ी को रुकवाने के लिए कहा। गाड़ी का स्टापेज कानपुर था। इससे टीटीई ने गाड़ी को शिकोहाबाद रोकने के लिए कहा। इस दौरान महिला ने बच्चे को ट्रेन में ही जन्म दे दिया। महिला को प्रसव पीढ़ा होने से ट्रेन में यात्रा कर रही अन्य महिलाओं ने उसकी मदद की।
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इस दौरान ट्रेन शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं। यहां पर पहले से ही तैयार आरपीएफ प्रभारी एलपी पचौरी और जीआरपी प्रभारी केबी शुक्ला स्टाफ के साथ तैयार थे। ट्रेन के रुकते ही आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ ने महिला को कोच से अटेंड किया और संयुक्त चिकित्सालय में एंबूलेंस द्वारा भर्ती कराया। यहां महिला अस्पताल स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को महिला वार्ड में भर्ती कर लिया।
धीरज भट्ट ने ट्रेन से लेकर अस्पताल तक मिले सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि इसी तरह पीड़ित की मदद की जाए तो उसे पता ही नहीं चले कि वह अपनों के बीच में नहीं हैं। फिलहाल धीरज ने अपनी पत्नी और नन्हें बच्चे के स्वस्थ होने पर संतोष व्यक्त किया।