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हर माह करानी होगी बोर्ड मीटिंग, वर्ना रुकेगा वेतन
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। अब नगर निकायों में महापौर, पालिकाध्यक्ष व अफसर अपनी मनमर्जी से बोर्ड मीटिंग नहीं करा सकेंगे। शासन के निर्देश दिए हैं कि अब हर माह बोर्ड मीटिंग करानी होगी। बोर्ड मीटिंग न कराने की स्थिति में निकाय को मिलने वाली ग्रांट व अफसरों का वेतन रोक दिया जाएगा।
प्रदेश में नवंबर माह में निकाय चुनाव संपन्न हो चुके हैं, परंतु अधिकांश निकायों में देखा जा रहा है कि बोर्ड की बैठक नियमित नहीं कराई जा रही है। ऐसे में नगर निगम के पार्षद, नगर पालिका व नगर पंचायतों के सभासदों के बोर्ड में प्रस्ताव पास नहीं हो पा रहे हैं।
नगर निकाय क्षेत्रों में विकास कार्य अटके हुए हैं। फिरोजाबाद नगर निगम में भी चुनाव हुए आठ माह बीत हो चुके हैं, परंतु बोर्ड मीटिंग न कराए जाने से करोड़ों के प्रस्ताव लटके हुए हैं।
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नगर निगम के पहले बोर्ड में चुन कर आए 70 अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने को प्रस्ताव भी दे चुके हैं। बोर्ड मीटिंग कराने को निरंतर महापौर व नगर आयुक्त से निरंतर संपर्क कर रहे हैं, परंतु अभी तक बोर्ड मीटिंग कराने को तिथि निर्धारित नहीं हो सकी।
नगर निकायों में बोर्ड मीटिंग न होने का मामला शासन तक पहुंच गया है। प्रमुख सचिव ने लखनऊ में आयोजित बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में हर माह नियमित रूप से बोर्ड मीटिंग कराई जाए। बोर्ड मीटिंग न कराने के संबंध में शिकायत मिलने पर संबंधित नगर निकाय की ग्रांट व अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।
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प्रदेश में नवंबर माह में निकाय चुनाव संपन्न हो चुके हैं, परंतु अधिकांश निकायों में देखा जा रहा है कि बोर्ड की बैठक नियमित नहीं कराई जा रही है। ऐसे में नगर निगम के पार्षद, नगर पालिका व नगर पंचायतों के सभासदों के बोर्ड में प्रस्ताव पास नहीं हो पा रहे हैं।
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नगर निकाय क्षेत्रों में विकास कार्य अटके हुए हैं। फिरोजाबाद नगर निगम में भी चुनाव हुए आठ माह बीत हो चुके हैं, परंतु बोर्ड मीटिंग न कराए जाने से करोड़ों के प्रस्ताव लटके हुए हैं।
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नगर निगम के पहले बोर्ड में चुन कर आए 70 अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने को प्रस्ताव भी दे चुके हैं। बोर्ड मीटिंग कराने को निरंतर महापौर व नगर आयुक्त से निरंतर संपर्क कर रहे हैं, परंतु अभी तक बोर्ड मीटिंग कराने को तिथि निर्धारित नहीं हो सकी।
नगर निकायों में बोर्ड मीटिंग न होने का मामला शासन तक पहुंच गया है। प्रमुख सचिव ने लखनऊ में आयोजित बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में हर माह नियमित रूप से बोर्ड मीटिंग कराई जाए। बोर्ड मीटिंग न कराने के संबंध में शिकायत मिलने पर संबंधित नगर निकाय की ग्रांट व अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।