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गोवंश का डाटा तैयार करने गांव-गांव जाएंगी टीमें
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:13 PM IST
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एटा। गोवंश को पूर्ण संरक्षण देने के लिए पशुधन एवं पशु चिकित्सा विभाग उनकी जानकारी जुटा रहा है। गांव गांव पहुंचकर पालतू और आवारा गोवंश का डाटा तैयार किया जा रहा है।
गोवंश को बेहतर खानपान देने के लिए जिले के गांव गांव पहुंचकर टीम पालतू और आवारा पशुओं की गणना कर रही है। गांव गांव से जुटाया जा रहा डाटा पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। इसके लिए मौके से ही लखनऊ मुख्यालय पर डाटा अपलोड कराने के लिए स्मार्टफोन भी सरकार की ओर से कर्मचारियों को मुहैया कराए गए हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि गोवंश का पूरा डाटा लखनऊ मुख्यालय पर अपलोड होने के बाद उन्हें संरक्षण देने के लिए दवाओं की अलग से व्यवस्था की जाएगी। इतना ही नहीं आवारा गोवंश को पूर्ण संरक्षण देने के लिए बनाए जा रहे संरक्षण केंद्र में व्यवस्था की जाएगी।
सरकार गणना करा रही है। इसमें आवारा एवं पालतू गौ वंश का अलग-अलग डाला लखनऊ मुख्यालय को भेजा जाएगा। गणना की मॉनीटरिंग पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा की जा रही है। डाटा लोड कराने के लिए सरकार की ओर से स्मार्ट फोन मुहैया करा दिए गए हैं।
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डा. केपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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गोवंश को बेहतर खानपान देने के लिए जिले के गांव गांव पहुंचकर टीम पालतू और आवारा पशुओं की गणना कर रही है। गांव गांव से जुटाया जा रहा डाटा पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। इसके लिए मौके से ही लखनऊ मुख्यालय पर डाटा अपलोड कराने के लिए स्मार्टफोन भी सरकार की ओर से कर्मचारियों को मुहैया कराए गए हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि गोवंश का पूरा डाटा लखनऊ मुख्यालय पर अपलोड होने के बाद उन्हें संरक्षण देने के लिए दवाओं की अलग से व्यवस्था की जाएगी। इतना ही नहीं आवारा गोवंश को पूर्ण संरक्षण देने के लिए बनाए जा रहे संरक्षण केंद्र में व्यवस्था की जाएगी।
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सरकार गणना करा रही है। इसमें आवारा एवं पालतू गौ वंश का अलग-अलग डाला लखनऊ मुख्यालय को भेजा जाएगा। गणना की मॉनीटरिंग पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा की जा रही है। डाटा लोड कराने के लिए सरकार की ओर से स्मार्ट फोन मुहैया करा दिए गए हैं।
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डा. केपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी