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रसोइयों एवं शिक्षिकाओं की दिवाली रही फीकी, नहीं मिला मानदेय
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। रसोइयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं की दिवाली इस बार फीकी रही। उन्हें पिछले कई महीनों का मानदेय नहीं मिल सका। बजट ग्रांट की कमीं होना है। वहीं, अक्तूबर माह का मानदेय शिक्षामित्रों के खाते में नहीं पहुंचा है। जबकि मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश थे कि दिवाली से पूर्व सभी को वेतन दे दिया जाए।
परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों को कुल एक हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। जुलाई माह से अभी तक मानदेय नहीं मिला है। रसोइयों को उम्मीद थी कि दिवाली तक मानदेय आ जाएगा। मगर दिवाली पर निराशा रही। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी से संबद्ध बालिका स्कूलों की शिक्षिकाओं को भी पिछले तीन माह से वेतन नहीं दिया है। वजह विभाग के पास ग्रांट न होना बताई गई है। दिवाली पर वेतन न मिलने से शिक्षिकाएं निराश हैं। वहीं, शिक्षामित्रों को अक्तूबर माह का मानदेय नहीं दिया गया।
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परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों को कुल एक हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। जुलाई माह से अभी तक मानदेय नहीं मिला है। रसोइयों को उम्मीद थी कि दिवाली तक मानदेय आ जाएगा। मगर दिवाली पर निराशा रही। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी से संबद्ध बालिका स्कूलों की शिक्षिकाओं को भी पिछले तीन माह से वेतन नहीं दिया है। वजह विभाग के पास ग्रांट न होना बताई गई है। दिवाली पर वेतन न मिलने से शिक्षिकाएं निराश हैं। वहीं, शिक्षामित्रों को अक्तूबर माह का मानदेय नहीं दिया गया।
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