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साढ़े तीन साल से कोमा में चल रहे किसान ने तोड़ा दम
Updated Fri, 12 Oct 2018 08:28 PM IST
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मथुरा। करीब साढ़े तीन साल से मौत से जूझ रहे किसान ने गुरुवार की रात दम तोड़ दिया। किसान साढ़े तीन साल पहले फरह में भीमनगर के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसके कोमा में जाने से किसान को कभी हास्पिटल और कभी घर पर रख कर परिजन उनकी जिंदा होने की आस लगाए थे।
थाना फरह के गांव गढ़ी चुरमुरा निवासी नेम सिंह (48) पुत्र रतन सिंह किसान थे। 15 जून 2015 को बाजार से बाइक पर घर लौटते वक्त वह भीमनगर के पास पहुंचे ही थे कि एक बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को आगरा में भर्ती कराया गया था। सिर पर चोट लगने के कारण वह कोमा में चला गया था।
परिजन उसे कभी हास्पिटल तो कभी घर ले आते। परिजनों को उम्मीद थी कि वह कोमा से निकलेंगे। गुरुवार की रात 11 बजे किसान ने घर पर दम तोड़ दिया। मौके पर पर पहुंची फरह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि साढ़े तीन साल बाद किसान की मौत हुई है।
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थाना फरह के गांव गढ़ी चुरमुरा निवासी नेम सिंह (48) पुत्र रतन सिंह किसान थे। 15 जून 2015 को बाजार से बाइक पर घर लौटते वक्त वह भीमनगर के पास पहुंचे ही थे कि एक बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को आगरा में भर्ती कराया गया था। सिर पर चोट लगने के कारण वह कोमा में चला गया था।
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परिजन उसे कभी हास्पिटल तो कभी घर ले आते। परिजनों को उम्मीद थी कि वह कोमा से निकलेंगे। गुरुवार की रात 11 बजे किसान ने घर पर दम तोड़ दिया। मौके पर पर पहुंची फरह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि साढ़े तीन साल बाद किसान की मौत हुई है।
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