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गंगा में जलस्तर घटा पर बाढ़ के हालात बरकरार
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:03 PM IST
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गजरौला तिगरी गंगा में गुरुवार को बढ़़ा हुआ जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
एक दिन पहले से गंगा में मीडियम फ्लड के हालात तो समाप्त हो गए, लेकिन लो फ्लड अभी भी बरकरार है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को लो फ्लड से निजात नहीं मिल पा रही। मीडियम फ्लड के दौरान जहां बाढ़ का पानी निचले इलाकों में भर गया था वहां पानी अभी भी भरा पड़ा है।
शुक्रवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1 लाख क्यूसेक से अधिक का डिस्चार्ज बना हुआ था। बिजनौर पर डिस्चार्ज कल के मुकाबले स्थिर था। वहीं हरिद्वार से करीब 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ था। जलस्तर में कमी आने के कारण कछला पर 20 सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ। शुक्रवार को जलस्तर गुरुवार के मुकाबले 163.25 मीटर के निशान पर था। पिछले 3-4 दिनों में पहाड़ों पर और मैदानी इलाकों में बारिश थमने के बाद से गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई है। बमनपुरा व उसके आसपास के इलाके के गांव में लगातार पानी भरा हुआ है। हालांकि पहले के मुकाबले पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह से निजात नहीं मिल पाई है।
कादरगंज गंगा इलाके प्रभावित मेहोल व अन्य गांव में खेतों में गंगा का पानी भरा हुआ है। गंगा की धारा कटान भी कर रही है, लेकिन अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। किसी भी तरह के हालात विकराल नहीं हुए हैं। सर्वाधिक क्षति खेतों में भरे पानी के कारण हो रही है। यदि पानी की निकासी जल्दी नहीं हुई तो फसलें सड़ सकती हैं। मक्का, बाजरा की फसलों में ज्यादा क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि धान और गन्ना की फसल में नुकसान की कोई स्थिति नहीं है।
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अक्तूबर तक संचालित रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
कासगंज। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि जिले में बाढ़ आपदा जैसे हालात नहीं है। लगातार पानी कम हो रहा है। सिंचाई विभाग का बाढ़ नियंत्रण कक्ष अब 31 अक्तूबर तक सक्रिय रहेगा। किसी भी ग्रामीण को बाढ़ संबंधी कोई सूचना देनी है तो नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 05744-247569 पर दी जा सकती है।
शुक्रवार को गंगा में डिस्चार्ज
नरौरा- 100163 क्यूसेक
बिजनौर- 55998 क्यूसेक
हरिद्वार- 52217 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 163.25 मीटर के निशान पर।
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एक दिन पहले से गंगा में मीडियम फ्लड के हालात तो समाप्त हो गए, लेकिन लो फ्लड अभी भी बरकरार है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को लो फ्लड से निजात नहीं मिल पा रही। मीडियम फ्लड के दौरान जहां बाढ़ का पानी निचले इलाकों में भर गया था वहां पानी अभी भी भरा पड़ा है।
शुक्रवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1 लाख क्यूसेक से अधिक का डिस्चार्ज बना हुआ था। बिजनौर पर डिस्चार्ज कल के मुकाबले स्थिर था। वहीं हरिद्वार से करीब 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ था। जलस्तर में कमी आने के कारण कछला पर 20 सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ। शुक्रवार को जलस्तर गुरुवार के मुकाबले 163.25 मीटर के निशान पर था। पिछले 3-4 दिनों में पहाड़ों पर और मैदानी इलाकों में बारिश थमने के बाद से गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई है। बमनपुरा व उसके आसपास के इलाके के गांव में लगातार पानी भरा हुआ है। हालांकि पहले के मुकाबले पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह से निजात नहीं मिल पाई है।
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कादरगंज गंगा इलाके प्रभावित मेहोल व अन्य गांव में खेतों में गंगा का पानी भरा हुआ है। गंगा की धारा कटान भी कर रही है, लेकिन अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। किसी भी तरह के हालात विकराल नहीं हुए हैं। सर्वाधिक क्षति खेतों में भरे पानी के कारण हो रही है। यदि पानी की निकासी जल्दी नहीं हुई तो फसलें सड़ सकती हैं। मक्का, बाजरा की फसलों में ज्यादा क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि धान और गन्ना की फसल में नुकसान की कोई स्थिति नहीं है।
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अक्तूबर तक संचालित रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
कासगंज। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि जिले में बाढ़ आपदा जैसे हालात नहीं है। लगातार पानी कम हो रहा है। सिंचाई विभाग का बाढ़ नियंत्रण कक्ष अब 31 अक्तूबर तक सक्रिय रहेगा। किसी भी ग्रामीण को बाढ़ संबंधी कोई सूचना देनी है तो नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 05744-247569 पर दी जा सकती है।
शुक्रवार को गंगा में डिस्चार्ज
नरौरा- 100163 क्यूसेक
बिजनौर- 55998 क्यूसेक
हरिद्वार- 52217 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 163.25 मीटर के निशान पर।