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दो लोगों की हत्या में सात को आजीवन कारावास
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:25 PM IST
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मथुरा। 12 साल पूर्व हुई हत्या के मामले में एडीजे सप्तम कोर्ट ने सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की वारदात मेड़ के विवाद को लेकर हुई थी। अदालत ने शुक्रवार को सभी दोषियों को जेल भेज दिया।
20 जुलाई 2006 में नौहझील के गांव सुहागपुर में खेत पर मेड़ के विवाद को लेकर हुई वारदात में गांव के ही भगवान सिंह और बृह्मकाशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों हत्याओं में श्याम, राधेश्याम, सुरेश, राकेश, तेजपाल, नानक और सीताराम को नामजद किया गया। सभी पर आरोप था कि उनके द्वारा तमंचा बंदूक से लैस होकर वारदात को अंजाम दिया।
कोर्ट में चले ट्रायल में दोनों वारदात में कुल आठ गवाहों को पेश किया गया। इनकी गवाही के आधार पर एडीजे सप्तम के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके अलावा सभी पर 20-20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी मदनमोहन उपाध्याय ने बताया कि दोनों वारदात कुछ समय अंतराल में हुई थीं।
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20 जुलाई 2006 में नौहझील के गांव सुहागपुर में खेत पर मेड़ के विवाद को लेकर हुई वारदात में गांव के ही भगवान सिंह और बृह्मकाशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों हत्याओं में श्याम, राधेश्याम, सुरेश, राकेश, तेजपाल, नानक और सीताराम को नामजद किया गया। सभी पर आरोप था कि उनके द्वारा तमंचा बंदूक से लैस होकर वारदात को अंजाम दिया।
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कोर्ट में चले ट्रायल में दोनों वारदात में कुल आठ गवाहों को पेश किया गया। इनकी गवाही के आधार पर एडीजे सप्तम के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके अलावा सभी पर 20-20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी मदनमोहन उपाध्याय ने बताया कि दोनों वारदात कुछ समय अंतराल में हुई थीं।
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