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झोलाछाप के उपचार से महिला की मौत, हाईवे जाम
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:52 PM IST
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मथुरा। मंगलवार को महानगर क्षेत्र में हाईवे पर कृषि मंडी के निकट हरिहर क्लीनिक में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। यह महिला पिछले तीन दिन से यहां उपचार के लिए भर्ती थी। झोलाछाप घटना के बाद से फरार हो गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने आगरा-दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया। अफसरों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
गांव उस्फार निवासी गुड्डी (42) पत्नी पप्पू को बुखार आया तो परिवार वालों ने तीन दिन पहले दिल्ली-आगरा हाईवे पर स्थित हरिहर क्लीनिक पर भर्ती करा दिया था। झोलाछाप पंकज उपाध्याय परिवार वालों को जल्द ठीक करने का भरोसा देता रहा। स्थिति बिगड़ने पर भी उसे कहीं और रेफर नहीं किया गया। इससे मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि गुड्डी की मौत हाईडोज इंजेक्शन लगने से हुई है। मरीज की मौत के बाद झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग गया। इससे मृतका के परिजनों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीण भी क्लीनिक पहुंच गए। हाईवे जाम कर दिया।
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15 दिन पहले फरह में मरी थी गर्भवती
झोलाछाप के उपचार से गुड्डी की मौत पहली नहीं है। जनपद में झोलाछाप इस कदर हाबी हैं कि माह में दो-तीन मरीजों की जान इनके उपचार से चली जाती है। 15 दिन पहले ही फरह में गर्भवती महिला के ऑपरेशन में मौत हो गई थी। फरह के इस झोलाछाप के यहां यह दूसरी मौत थी। जनपद में करीब चार हजार से ज्यादा झोलाछाप चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं। इन पर विभागीय अफसरों की पूरी मेहरबानी है।
हरिहर क्लीनिक पंजीकृत नहीं है। इसे सील करने के आदेश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही झोलाछाप के खिलाफ विभाग अभियान चलाएगा।
- शेर सिंह, सीएमओ
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गांव उस्फार निवासी गुड्डी (42) पत्नी पप्पू को बुखार आया तो परिवार वालों ने तीन दिन पहले दिल्ली-आगरा हाईवे पर स्थित हरिहर क्लीनिक पर भर्ती करा दिया था। झोलाछाप पंकज उपाध्याय परिवार वालों को जल्द ठीक करने का भरोसा देता रहा। स्थिति बिगड़ने पर भी उसे कहीं और रेफर नहीं किया गया। इससे मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
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परिजनों का आरोप है कि गुड्डी की मौत हाईडोज इंजेक्शन लगने से हुई है। मरीज की मौत के बाद झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग गया। इससे मृतका के परिजनों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीण भी क्लीनिक पहुंच गए। हाईवे जाम कर दिया।
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15 दिन पहले फरह में मरी थी गर्भवती
झोलाछाप के उपचार से गुड्डी की मौत पहली नहीं है। जनपद में झोलाछाप इस कदर हाबी हैं कि माह में दो-तीन मरीजों की जान इनके उपचार से चली जाती है। 15 दिन पहले ही फरह में गर्भवती महिला के ऑपरेशन में मौत हो गई थी। फरह के इस झोलाछाप के यहां यह दूसरी मौत थी। जनपद में करीब चार हजार से ज्यादा झोलाछाप चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं। इन पर विभागीय अफसरों की पूरी मेहरबानी है।
हरिहर क्लीनिक पंजीकृत नहीं है। इसे सील करने के आदेश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही झोलाछाप के खिलाफ विभाग अभियान चलाएगा।
- शेर सिंह, सीएमओ