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औद्योगिक आस्थानों की जांच करना भूले अफसर
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:01 AM IST
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फिरोजाबाद। औद्योगिक आस्थान शिकोहाबाद की सूर्या बीड्स में आतिशबाजी बनाने के दौरान हुएधमाके में कई श्रमिकों को जान गंवानी पड़ी थी। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र फिरोजाबाद में केमिकल फैक्ट्री में धमाका होने से कई कारखानों की दीवारें चटक गईं। डीएम नेहा शर्मा ने औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ और यूपीएसआईडीसी इकाइयों की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने डीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया।
औद्योगिक अस्थान शिकोहाबाद की सूर्या वीड्स फैक्ट्री में विगत वर्ष छह सितंबर को आतिशबाजी बनाने के दौरान भीषण हादसा हुआ था। आग लगने से वहां काम कर रहे सात मजदूर जलकर घायल हो गए। हादसे की सूचना पर डीएम नेहा शर्मा, एसएसपी अजय कुमार पांडेय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
डीएम ने शिकोहाबाद औद्योगिक आस्थान, नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान और जलेसर रोड स्थ्यित यूपीएसआईडीसी औद्योगिक आस्थानों में संचालित इकाइयों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर अफसरों ने शिकोहाबाद की कुछ इकाइयों की सर्वे के नाम पर खानापूरी कर दी। नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान एवं यूपीएसआईडीसी की जांच करना अफसर भूल गए। हादसे के सात माह बाद इकाइयों की जांच नहीं हो सकी।
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28 फरवरी को रात में दो बजे नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान की एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कारखानों की दीवारें चटक गईं, दफ्तरों के शीशे टूट गए था। फैक्ट्री के टिनशेड परखच्चे उड़ने से मलवा दूर तक गिरा था। तेज धमाका होने के बाद भी जिम्मेदार अफसरों ने कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली है।
औद्योगिक अस्थान शिकोहाबाद की सूर्या वीड्स फैक्ट्री में विगत वर्ष छह सितंबर को आतिशबाजी बनाने के दौरान भीषण हादसा हुआ था। आग लगने से वहां काम कर रहे सात मजदूर जलकर घायल हो गए। हादसे की सूचना पर डीएम नेहा शर्मा, एसएसपी अजय कुमार पांडेय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
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डीएम ने शिकोहाबाद औद्योगिक आस्थान, नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान और जलेसर रोड स्थ्यित यूपीएसआईडीसी औद्योगिक आस्थानों में संचालित इकाइयों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर अफसरों ने शिकोहाबाद की कुछ इकाइयों की सर्वे के नाम पर खानापूरी कर दी। नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान एवं यूपीएसआईडीसी की जांच करना अफसर भूल गए। हादसे के सात माह बाद इकाइयों की जांच नहीं हो सकी।
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28 फरवरी को रात में दो बजे नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान की एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कारखानों की दीवारें चटक गईं, दफ्तरों के शीशे टूट गए था। फैक्ट्री के टिनशेड परखच्चे उड़ने से मलवा दूर तक गिरा था। तेज धमाका होने के बाद भी जिम्मेदार अफसरों ने कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली है।