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कक्षा आठ की दिव्या का नवांकुर रत्न से सम् मनित
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:58 PM IST
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फिरोजाबाद। केबी हिंदी साहित्य समिति बिसौली, बदायूं ने अभा साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन किया जिसमें दिव्य सृष्टि दिव्या को नवांकुर रत्न से सम्मानित किया गया। वह सेंट जोंस में कक्षा आठ की छात्रा हैं। वह मूल रूप से जलोपुरा गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में सुहाग नगर में निवास करती हैं। उनकी मां दयावती व पिता सुभाष यादव शिक्षक हैं।
बदायूं में आयोजित सम्मान समारोह में 18 राज्यों के करीब 240 साहित्यकारों के मध्य दिव्या ने काव्य पाठ किया- जिदंगी के इस सफर में क्या पता है क्या ठिकाना सुनाकर वाहवाही लूटी। दिव्या को साहित्यकार रामबहादुर व्यथित, गाफिल स्वामी, योगेंद्र वर्मा व्योम, राहत बरेलवी, शिवकुमार चंदन, जगदीश शर्मा शेषी ने आशीर्वाद दिया।
रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया में पंजीकृत कृति शामियाना के संपादक अशोक खुराना, महाराष्ट, से प्रकाशित दीवान मेरा के संपादक नरेंद्र परिहार ने दिव्या को अपनी संस्था द्वारा सम्मानित करने की घोषणा की। सम्मान समारोह में कवि कृष्ण कुमार कनक ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं।
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बदायूं में आयोजित सम्मान समारोह में 18 राज्यों के करीब 240 साहित्यकारों के मध्य दिव्या ने काव्य पाठ किया- जिदंगी के इस सफर में क्या पता है क्या ठिकाना सुनाकर वाहवाही लूटी। दिव्या को साहित्यकार रामबहादुर व्यथित, गाफिल स्वामी, योगेंद्र वर्मा व्योम, राहत बरेलवी, शिवकुमार चंदन, जगदीश शर्मा शेषी ने आशीर्वाद दिया।
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रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया में पंजीकृत कृति शामियाना के संपादक अशोक खुराना, महाराष्ट, से प्रकाशित दीवान मेरा के संपादक नरेंद्र परिहार ने दिव्या को अपनी संस्था द्वारा सम्मानित करने की घोषणा की। सम्मान समारोह में कवि कृष्ण कुमार कनक ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं।
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