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फर्जी बीएड डिग्री से जुड़े शिक्षकों का वेतन लगाने में लेखाधिकारी ने जताई असमर्थता
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:16 PM IST
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बीएसए दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। एसआईटी की रिपोर्ट पर फर्जी पाए गए शिक्षकों का वेतन लगाने में लेखाधिकारी ने असमर्थता जताई है। लेखाधिकारी ने इस संबंध में बीएसए को पत्र लिखकर स्पष्ट जानकारी मांगी है। फिलहाल अन्य शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया है।
एसआईटी की रिपोर्ट पर जनपद में 80 शिक्षकों को फर्जी माना गया है। इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के साथ ही पूर्व में बीएसए ने इनका वेतन रोक दिया था। लेकिन शिक्षकों ने अपनी बर्खास्तगी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया को उचित नहीं माना है।
हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि शिक्षकों की डिग्री फर्जी है या असली इसका निर्णय विश्वविद्यालय करेगा। विश्वविद्यालय ने अब तक उनकी डिग्रियों को अवैध घोषित नहीं किया है। इसलिए वे कार्य करते रहेंगे। हालांकि हाईकोर्ट ने शिक्षकों पर कार्रवाई की छूट दी है।
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हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने शिक्षकों का वेतन लगाए जाने के लिए लेखाधिकारी को पत्र लिखा था लेकिन लेखाधिकारी अनिल शर्मा ने वेतन लगाने में असमर्थता जताते हुए बीएसए को पत्र लिखकर कहा कि किन-किन शिक्षकों का वेतन लगाया जाए इसकी जानकारी उनके नाम सहित स्पष्ट दी जाए।
एसआईटी ने बीएड की डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने वाले लोगों की जांच की थी। जांच में प्रदेश भर में 4970 शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी थी। हाईकोर्ट ने शासन को इन शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को फर्जी शिक्षकों की सूची भेजी थी। जनपद में 80 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए थे। उनका वेतन रोकते हुए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया था।
लेखाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए से जो पत्र प्राप्त हुआ था। उसमें यह बात स्पष्ट नहीं की गई थी कि कितने शिक्षकों का वेतन जारी करना है। कुछ स्थानों से जानकारी मिली है कि केवल रिट में शामिल शिक्षकों को ही वेतन जारी किया जाना है। इसीलिए बीएसए को पत्र लिखा गया है कि वे स्पष्ट करें कि कितने शिक्षकों को वेतन जारी किया जाए। पहले से जिन शिक्षकों का वेतन जा रहा था उनके बिल भेज दिए गए हैं। यदि बीएसए की सहमति मिलती है तो इन शिक्षकों के बिल अलग से भेजे जाएंगे।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि लेखाधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसका शीघ्र जवाब दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों से जानकारी जुटाई गई है जिसमें कहा गया है कि फर्जी पाए जाने पर जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया था उनका सबका वेतन जारी किया जाए।
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एसआईटी की रिपोर्ट पर जनपद में 80 शिक्षकों को फर्जी माना गया है। इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के साथ ही पूर्व में बीएसए ने इनका वेतन रोक दिया था। लेकिन शिक्षकों ने अपनी बर्खास्तगी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया को उचित नहीं माना है।
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हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि शिक्षकों की डिग्री फर्जी है या असली इसका निर्णय विश्वविद्यालय करेगा। विश्वविद्यालय ने अब तक उनकी डिग्रियों को अवैध घोषित नहीं किया है। इसलिए वे कार्य करते रहेंगे। हालांकि हाईकोर्ट ने शिक्षकों पर कार्रवाई की छूट दी है।
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हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने शिक्षकों का वेतन लगाए जाने के लिए लेखाधिकारी को पत्र लिखा था लेकिन लेखाधिकारी अनिल शर्मा ने वेतन लगाने में असमर्थता जताते हुए बीएसए को पत्र लिखकर कहा कि किन-किन शिक्षकों का वेतन लगाया जाए इसकी जानकारी उनके नाम सहित स्पष्ट दी जाए।
एसआईटी ने बीएड की डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने वाले लोगों की जांच की थी। जांच में प्रदेश भर में 4970 शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी थी। हाईकोर्ट ने शासन को इन शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को फर्जी शिक्षकों की सूची भेजी थी। जनपद में 80 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए थे। उनका वेतन रोकते हुए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया था।
लेखाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए से जो पत्र प्राप्त हुआ था। उसमें यह बात स्पष्ट नहीं की गई थी कि कितने शिक्षकों का वेतन जारी करना है। कुछ स्थानों से जानकारी मिली है कि केवल रिट में शामिल शिक्षकों को ही वेतन जारी किया जाना है। इसीलिए बीएसए को पत्र लिखा गया है कि वे स्पष्ट करें कि कितने शिक्षकों को वेतन जारी किया जाए। पहले से जिन शिक्षकों का वेतन जा रहा था उनके बिल भेज दिए गए हैं। यदि बीएसए की सहमति मिलती है तो इन शिक्षकों के बिल अलग से भेजे जाएंगे।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि लेखाधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसका शीघ्र जवाब दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों से जानकारी जुटाई गई है जिसमें कहा गया है कि फर्जी पाए जाने पर जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया था उनका सबका वेतन जारी किया जाए।