{"_id":"59eb76ca4f1c1b8e698b6cc7","slug":"151508603594-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाई को तिलक कर की दीर्घायु की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाई को तिलक कर की दीर्घायु की कामना
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। पंचोत्सव की शृंखला में अंतिम पर्व भाई दूज शनिवार को परंपरागत रूप से मनाई गई। बहनों ने भाइयों को तिलक कर उनकी दीर्घायु की कामना की। मिष्ठान और नारियल भेंट किया। भाइयों ने बहनों की रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार दिए। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। यम फांस से मुक्ति के लिए भाई-बहनों ने हाथ पकड़कर यमुना नदी में स्थान किया।
यम द्वितीया पर पूरे दिन का मुहूर्त होने के कारण अफरातफरी का माहौल नहीं रहा। घरों में भाई दूज की पूजा हुई। सामूहिक रूप से महिलाओं ने यम द्वितीया की कथा सुनी। इसके बाद उन्होंने भाइयों को तिलक किया। भाइयों के माथे पर रोली और चावल से तिलक कर उन्हें गिरी का गोला और मिष्ठान दिया। भाइयों ने उपहार में बहनों को रुपये, साड़ी, मोबाइल फोन, जेवरात आदि दिए।
मान्यता है कि इस दिन भाई और बहन एक साथ पकड़कर यमुना नदी में स्थान करें तो यम फांस से मुक्ति मिलती है। स्नान का पुण्य फल मथुरा में स्नान से ही मिलता है लेकिन जो लोग मथुरा नहीं जा सके उन्होंने बल्केश्वर घाट, कैलाश घाट और रेणुका घाट पर यमुना नदी में स्नान कर परंपरा का निर्वहन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यम द्वितीया पर पूरे दिन का मुहूर्त होने के कारण अफरातफरी का माहौल नहीं रहा। घरों में भाई दूज की पूजा हुई। सामूहिक रूप से महिलाओं ने यम द्वितीया की कथा सुनी। इसके बाद उन्होंने भाइयों को तिलक किया। भाइयों के माथे पर रोली और चावल से तिलक कर उन्हें गिरी का गोला और मिष्ठान दिया। भाइयों ने उपहार में बहनों को रुपये, साड़ी, मोबाइल फोन, जेवरात आदि दिए।
विज्ञापन
मान्यता है कि इस दिन भाई और बहन एक साथ पकड़कर यमुना नदी में स्थान करें तो यम फांस से मुक्ति मिलती है। स्नान का पुण्य फल मथुरा में स्नान से ही मिलता है लेकिन जो लोग मथुरा नहीं जा सके उन्होंने बल्केश्वर घाट, कैलाश घाट और रेणुका घाट पर यमुना नदी में स्नान कर परंपरा का निर्वहन किया।
विज्ञापन