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रातभर जाग कर बचा रहीं चोटियां
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:23 PM IST
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चोटी कटने से दहशत में परिवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। घिरोर और रठेरा में चोटी कटने की घटनाएं हालांकि सामने आई हैं। मगर औंछा क्षेत्र में बिना चोटी कटे ही हड़कंप मचा हुआ है। महिलाएं रात-रात भर जागकर अपनी और बेटियों की चोटियां बचा रही हैं। यह केवल अफवाह है या हकीकत इसे लेकर भी अलग-अलग मत हैं। देर शाम तो दूर की बात दिन में भी बेटियों को खेतों की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है।
औंछा क्षेत्र में महिलाओं और बेटियों की चोटी काटने की चर्चा के बाद क्षेत्र के तमाम गांवों में दहशत का माहौल बनता जा रहा है। हालात यह बन गए हैं कि अब महिलाएं अपनी और बेटियों की चोटी की सुरक्षा को लेकर दहशत में आ गई हैं। टोना टोटका के चलते कई घरों के बाहर हल्दी के थापे लगाए गए हैं। बालिकाओं तथा किशोरियों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। दहशत में आई महिलाएं अपरिचित चेहरों की महिलाओं को शक की निगाह से देख रही हैं।
औंछा में बने श्रंगीऋषि आश्रम में चेतनानंद महराज के पास महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं उनके पास चोटी काटने वाले संकट से निबटने के लिए उपाय जानने के लिए पहुंच रही हैं। अपनी समझ से ही बचाव के उपाय बताकर उन पर अमल करने की सलाह भी मांग रही हैं।
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औंछा कस्बा में लक्ष्मी देवी तो चोटी काटने की खबर सुनकर ही दहशत में आ गई हैं। वह दो दिन से बीमार पड़ गई हैं। वह रात में अकेली नहीं सो रही हैं। उनकी चारपाई के पास परिवार की और महिलाएं अब सोने लगी हैं। रात को डर की वजह से वह चारपाई से ही नहीं उठती हैं।
महलाई निवासी ओमवती का तो और भी बुरा हाल है। वह इस कदर दहशत में आई हैं कि वह सूर्य अस्त होने के बाद घर से बाहर नहीं निकलती हैं। जानवरों के लिए चारा पानी भी सूरज छिपने से पहले ही कर लेती हैं। उनका कहना है चोटी काटने की बात में कुछ न कुछ तो सच्चाई जरूर है। यह टोना टोटका है या फिर कुछ और इस संबंध में अधिकारियों को जांच के लिए आगे आना चाहिए।
मौजेपुर भोगांव निवासी वृद्धा शकूरन बेगम अपनी रिश्तेदारी औंछा में आई हैं। उनको आंखों से कम दिखाई देता है। वह चोटी काटने की चर्चा से बुरी तरह भयभीत हैं। वह रात में घर में चीखने लगती हैं। किसी भी आहट पर चीखने के साथ ही फिर वह रात भर जागती रहती हैं।
चोटी काटना हो सकता टोना टोटका: चेतनानंद
चेतनानंद महाराज का कहना है यह टोना टोटका भी हो सकता है। बच्चों के बाल काट लेना, महिलाओं की धोती का पल्लू काट लेना, कपड़ों में गंदगी डाल देना, घरों के बारह नीबू, जलता दीपक, मिट्टी की हांडी में जलता हुआ दीपक रख देना भी टोना टोटका की ही गिनती में आता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। मानव को अपना ध्यान भगवान की पूजा में लगाना चाहिए और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। प्रशासन को भी इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही चाहिए।
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औंछा क्षेत्र में महिलाओं और बेटियों की चोटी काटने की चर्चा के बाद क्षेत्र के तमाम गांवों में दहशत का माहौल बनता जा रहा है। हालात यह बन गए हैं कि अब महिलाएं अपनी और बेटियों की चोटी की सुरक्षा को लेकर दहशत में आ गई हैं। टोना टोटका के चलते कई घरों के बाहर हल्दी के थापे लगाए गए हैं। बालिकाओं तथा किशोरियों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। दहशत में आई महिलाएं अपरिचित चेहरों की महिलाओं को शक की निगाह से देख रही हैं।
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औंछा में बने श्रंगीऋषि आश्रम में चेतनानंद महराज के पास महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं उनके पास चोटी काटने वाले संकट से निबटने के लिए उपाय जानने के लिए पहुंच रही हैं। अपनी समझ से ही बचाव के उपाय बताकर उन पर अमल करने की सलाह भी मांग रही हैं।
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औंछा कस्बा में लक्ष्मी देवी तो चोटी काटने की खबर सुनकर ही दहशत में आ गई हैं। वह दो दिन से बीमार पड़ गई हैं। वह रात में अकेली नहीं सो रही हैं। उनकी चारपाई के पास परिवार की और महिलाएं अब सोने लगी हैं। रात को डर की वजह से वह चारपाई से ही नहीं उठती हैं।
महलाई निवासी ओमवती का तो और भी बुरा हाल है। वह इस कदर दहशत में आई हैं कि वह सूर्य अस्त होने के बाद घर से बाहर नहीं निकलती हैं। जानवरों के लिए चारा पानी भी सूरज छिपने से पहले ही कर लेती हैं। उनका कहना है चोटी काटने की बात में कुछ न कुछ तो सच्चाई जरूर है। यह टोना टोटका है या फिर कुछ और इस संबंध में अधिकारियों को जांच के लिए आगे आना चाहिए।
मौजेपुर भोगांव निवासी वृद्धा शकूरन बेगम अपनी रिश्तेदारी औंछा में आई हैं। उनको आंखों से कम दिखाई देता है। वह चोटी काटने की चर्चा से बुरी तरह भयभीत हैं। वह रात में घर में चीखने लगती हैं। किसी भी आहट पर चीखने के साथ ही फिर वह रात भर जागती रहती हैं।
चोटी काटना हो सकता टोना टोटका: चेतनानंद
चेतनानंद महाराज का कहना है यह टोना टोटका भी हो सकता है। बच्चों के बाल काट लेना, महिलाओं की धोती का पल्लू काट लेना, कपड़ों में गंदगी डाल देना, घरों के बारह नीबू, जलता दीपक, मिट्टी की हांडी में जलता हुआ दीपक रख देना भी टोना टोटका की ही गिनती में आता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। मानव को अपना ध्यान भगवान की पूजा में लगाना चाहिए और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। प्रशासन को भी इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही चाहिए।