{"_id":"59778a494f1c1bca668b4641","slug":"151501006409-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में 1000 क्यूसेक पानी की चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में 1000 क्यूसेक पानी की चोरी
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
demo
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। अपर आगरा कैनाल का करीब 1000 क्यूसेक पानी हरियाणा में चोरी हो रहा है। सिंचाई के पानी की यह चोरी हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद के किसानों ने की है। किसानों ने पानी के लिए करीब 200 अवैध कुलावे लगा लिए हैं। यह चोरी आगरा और मथुरा में सिंचाई संकट से निपटने के लिए अवैध कुलावों के सर्वे में सामने आई है। इस मामले में पिछले हफ्ते 43 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट हुई है।
ओखला बैराज से निकलने वाली अपर आगरा कैनाल हरियाणा के कई जनपदों से होकर उत्तर प्रदेश में पहुंचती है। 4000 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली आगरा कैनाल से करीब 1000 क्यूसेक पानी मथुरा और आगरा तक पहुंचने से पहले ही चोरी हो जाता है। पानी की यह चोरी हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद जनपद में हो रही है। इसके लिए इन जनपदों में किसानों ने करीब 200 अवैध कुलावे लगा लिए गए हैं। यह कुलावे करीब 79 किलोमीटर के दायरे में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में हरियाणा क्षेत्र में अवैध कुलावों का संचालन करने पर 43 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई पलवल में सर्वे की प्रक्रिया में सामने आई अवैध कुलावों के बाद की गई है।
पहले पकडे़ गए थे 334 अवैध कुलावे
अपर आगरा कैनाल से जुडे़ हरियाणा क्षेत्र में 2016 को 334 कुलावे अवैध पाए थे। इन्हें बंद कराया गया। इस कार्य पर विभागीय अधिकारियाें ने बड़ी धनराशि खर्च की थी।
विज्ञापन
मथुरा-आगरा में बढ़ रहा सिंचाई संकट
अपर आगरा कैनाल का पानी हरियाणा में चोरी होने से मथुरा और आगरा में सिंचाई संकट पैदा हो रहा है। मथुरा जनपद की छाता, गोवर्धन और फरह तहसील के क्षेत्र में इससे सिंचाई होती है, जबकि आगरा जनपद में इससे आगरा सदर, किरावली, खेरागढ़ और बाह तहसील क्षेत्र में इसी कैनाल के पानी से सिंचाई होती है, लेकिन टेल तक निर्धारित मात्रा में पानी नहीं पहुंचता। करीब 30 प्रतिशत पानी की कमी इस क्षेत्र में रहती है। इसी कारण आगरा में धान की फसल बेहद कम है, जबकि मथुरा में 55 हजार हेक्टेयर धान की फसल होती है।
पेट्रोलिंग के माध्यम से अवैध कुलावों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। हरियाणा में पानी की चोरी की स्थिति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
एनसी उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, आगरा
विज्ञापन
ओखला बैराज से निकलने वाली अपर आगरा कैनाल हरियाणा के कई जनपदों से होकर उत्तर प्रदेश में पहुंचती है। 4000 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली आगरा कैनाल से करीब 1000 क्यूसेक पानी मथुरा और आगरा तक पहुंचने से पहले ही चोरी हो जाता है। पानी की यह चोरी हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद जनपद में हो रही है। इसके लिए इन जनपदों में किसानों ने करीब 200 अवैध कुलावे लगा लिए गए हैं। यह कुलावे करीब 79 किलोमीटर के दायरे में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में हरियाणा क्षेत्र में अवैध कुलावों का संचालन करने पर 43 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई पलवल में सर्वे की प्रक्रिया में सामने आई अवैध कुलावों के बाद की गई है।
विज्ञापन
पहले पकडे़ गए थे 334 अवैध कुलावे
अपर आगरा कैनाल से जुडे़ हरियाणा क्षेत्र में 2016 को 334 कुलावे अवैध पाए थे। इन्हें बंद कराया गया। इस कार्य पर विभागीय अधिकारियाें ने बड़ी धनराशि खर्च की थी।
विज्ञापन
मथुरा-आगरा में बढ़ रहा सिंचाई संकट
अपर आगरा कैनाल का पानी हरियाणा में चोरी होने से मथुरा और आगरा में सिंचाई संकट पैदा हो रहा है। मथुरा जनपद की छाता, गोवर्धन और फरह तहसील के क्षेत्र में इससे सिंचाई होती है, जबकि आगरा जनपद में इससे आगरा सदर, किरावली, खेरागढ़ और बाह तहसील क्षेत्र में इसी कैनाल के पानी से सिंचाई होती है, लेकिन टेल तक निर्धारित मात्रा में पानी नहीं पहुंचता। करीब 30 प्रतिशत पानी की कमी इस क्षेत्र में रहती है। इसी कारण आगरा में धान की फसल बेहद कम है, जबकि मथुरा में 55 हजार हेक्टेयर धान की फसल होती है।
पेट्रोलिंग के माध्यम से अवैध कुलावों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। हरियाणा में पानी की चोरी की स्थिति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
एनसी उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, आगरा