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गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर चलेगी ट्राम, चारों ओर बनेगा रिंग रोड
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:50 PM IST
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मथुरा/लखनऊ। गोवर्धन की यातायात समस्या के समाधान केलिए परिक्रमा मार्ग के चारों ओर रिंग रोड बनाया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिंग रोड पर 25 किलोमीटर की दूरी में ट्राम चलेगी। परिक्रमा मार्ग पर भगवान कृष्ण की 350 फीट ऊंची मूर्ति लगाई जाएगी। गोवर्धन समग्र विकास योजना के परिक्रमा मार्ग पर 4645 करोड़ रुपये और 969 करोड़ रुपये गोवर्धन में विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
केन्द्रीय पर्यटन विभाग के कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्यप्रकाश मंगल ने बताया कि गोवर्धन समग्र विकास योजना के तहत परिक्रमा मार्ग के चारों ओर 35 किलोमीटर लंबा 4 लेन रिंग रोड बनाया जाएगा। नेशनल हाइवे नंबर 2 और एनएच 11 को रिंग रोड से जोड़ने के लिए 6 लेन एप्रोच रोड बनाया जाएगा। रिंग रोड और एप्रोच मार्ग पर करीब 4645 करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसमें भूमि अधिग्रहण की राशि भी शामिल है।
रिंग रोड पर प्रवेश के लिए छह स्थानों पर भव्य प्रवेश मार्ग बनाए जाएंगे। प्रवेश द्वार पर भगवान कृष्ण की लीलाओं को अंकित किया जाएगा। प्रवेश मार्ग केपास ही वाहनों के लिए बड़े पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। कोलकाता के बाद देश में गोवर्धन दूसरा स्थान होगा जहां ट्राम संचालित होंगे। रिंग रोड पर करीब 25 किलोमीटर की ट्राम ट्रैेक बनाया जाएगा। दिसंबर 2018 तक ट्राम संचालित करने की योजना बनाई गई है।
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सुविधा, सुरक्षा, सफाई, सौहार्द और सौंदर्य होंगे आधार
गोवर्धन की दृष्टि से गोवर्धन क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष कार्य किए जाएंगे। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को अद्वितीय बनाने केसाथ वहां सौंदर्य को बढ़ाते हुए धार्मिक सौहार्द्र को बनाए रखने का काम किया जाएगा।
नो व्हीकल जोन होगा रिंग रोड
परिक्रमा मार्ग के चारों ओर बनाए जाने वाले रिंग रोड को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इसमें केवल ट्राम चल सकेंगे। इस पर अन्य किसी भी प्रकार के वाहन के संचालन की अनुमति नहीं होगी।
तीन परिक्रमा मार्ग तैयार होंगे
गोवर्धन में मुख्य परिक्रमा मार्ग के साथ रघुराई ट्रैक, पीली मिट्टी ट्रैक और एयर टाइल का ट्रैक बनाया जाएगा। जिस पर दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालु व्हील चेयर पर भी परिक्रमा कर सकेंगे।
969 करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य
गोवर्धन के धार्मिक महत्व को देखते हुए वहां पर 969 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। धार्मिक और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए वहां वैदिक यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। परिक्रमा मार्ग पर योग केन्द्र बनाए जाएंगे।
बृज की कला और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए बृज कला दर्शन के थियेटर बनाए जाएंगे। बरसात के पानी को रोककर भूमिगत जल स्तर बढ़ाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश केतहत पर्यावरण को बचाने के लिए 6 ग्रीन बफर जोन बनाए जाएंगे। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी प्रबंध किया जाएगा।
कुसुम सरोवर पर लाइट एंड साउंड शो
गोवर्धन में स्थित कुसुम सरोवर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए लाइट एंड साउंड शो कराना भी योजना में शामिल किया गया है।
बृज विकास नियोजन परिषद का गठन होगा
गोवर्धन में समग्र विकास में लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, पेयजल विभाग, ऊर्जा विभाग, धमार्ध कार्य, निर्माण निगम सहित अन्य विभाग कार्य करेंगे। योजना के लिए बृज विकास नियोजन परिषद का पुनर्गठन करने पर विचार किया जा रहा है।
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केन्द्रीय पर्यटन विभाग के कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्यप्रकाश मंगल ने बताया कि गोवर्धन समग्र विकास योजना के तहत परिक्रमा मार्ग के चारों ओर 35 किलोमीटर लंबा 4 लेन रिंग रोड बनाया जाएगा। नेशनल हाइवे नंबर 2 और एनएच 11 को रिंग रोड से जोड़ने के लिए 6 लेन एप्रोच रोड बनाया जाएगा। रिंग रोड और एप्रोच मार्ग पर करीब 4645 करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसमें भूमि अधिग्रहण की राशि भी शामिल है।
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रिंग रोड पर प्रवेश के लिए छह स्थानों पर भव्य प्रवेश मार्ग बनाए जाएंगे। प्रवेश द्वार पर भगवान कृष्ण की लीलाओं को अंकित किया जाएगा। प्रवेश मार्ग केपास ही वाहनों के लिए बड़े पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। कोलकाता के बाद देश में गोवर्धन दूसरा स्थान होगा जहां ट्राम संचालित होंगे। रिंग रोड पर करीब 25 किलोमीटर की ट्राम ट्रैेक बनाया जाएगा। दिसंबर 2018 तक ट्राम संचालित करने की योजना बनाई गई है।
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सुविधा, सुरक्षा, सफाई, सौहार्द और सौंदर्य होंगे आधार
गोवर्धन की दृष्टि से गोवर्धन क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष कार्य किए जाएंगे। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को अद्वितीय बनाने केसाथ वहां सौंदर्य को बढ़ाते हुए धार्मिक सौहार्द्र को बनाए रखने का काम किया जाएगा।
नो व्हीकल जोन होगा रिंग रोड
परिक्रमा मार्ग के चारों ओर बनाए जाने वाले रिंग रोड को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इसमें केवल ट्राम चल सकेंगे। इस पर अन्य किसी भी प्रकार के वाहन के संचालन की अनुमति नहीं होगी।
तीन परिक्रमा मार्ग तैयार होंगे
गोवर्धन में मुख्य परिक्रमा मार्ग के साथ रघुराई ट्रैक, पीली मिट्टी ट्रैक और एयर टाइल का ट्रैक बनाया जाएगा। जिस पर दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालु व्हील चेयर पर भी परिक्रमा कर सकेंगे।
969 करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य
गोवर्धन के धार्मिक महत्व को देखते हुए वहां पर 969 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। धार्मिक और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए वहां वैदिक यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। परिक्रमा मार्ग पर योग केन्द्र बनाए जाएंगे।
बृज की कला और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए बृज कला दर्शन के थियेटर बनाए जाएंगे। बरसात के पानी को रोककर भूमिगत जल स्तर बढ़ाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश केतहत पर्यावरण को बचाने के लिए 6 ग्रीन बफर जोन बनाए जाएंगे। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी प्रबंध किया जाएगा।
कुसुम सरोवर पर लाइट एंड साउंड शो
गोवर्धन में स्थित कुसुम सरोवर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए लाइट एंड साउंड शो कराना भी योजना में शामिल किया गया है।
बृज विकास नियोजन परिषद का गठन होगा
गोवर्धन में समग्र विकास में लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, पेयजल विभाग, ऊर्जा विभाग, धमार्ध कार्य, निर्माण निगम सहित अन्य विभाग कार्य करेंगे। योजना के लिए बृज विकास नियोजन परिषद का पुनर्गठन करने पर विचार किया जा रहा है।