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चंद्रग्रहण का असर दिखा मंदिरों के दर्शन पर
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:42 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
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वृंदावन (मथुरा)। सोमवार को चंद्रग्रहण का असर धर्मनगरी के मंदिरों पर भी दिखाई दिया। विश्व विख्यात ठाकुर बांकेबिहारी महाराज सहित वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में आराध्य की सेवा-पूजा और आरती सहित अन्य सेवा पद्धति परिवर्तित समय से हुई।
श्रावणी पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों ने सोमवार सुबह छह बजे मंदिर में प्रवेश किया। भक्तों के लिए 7:45 तक पट खुले। 7:55 पर शृंगार आरती हुई और आठ बजे राजभोग सेवा, 9:55 बजे राजभोग आरती के बाद 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। शयन भोग सेवा के अंतर्गत सुबह ही 10:45 पर सेवायत गोस्वामियों ने मंदिर में प्रवेश किया। 11:15 पर भक्तों के लिए पट खुलेे। दोपहर 1:10 पर शयन आरती के बाद 1:15 पर पट बंद कर दिए गए।
राधावल्लभ मंदिर में सुबह नौ बजे राजभोग आरती के बाद 9:30 बजे संध्या दर्शन और 1:30 बजे शयन आरती हुई। शयन आरती पर भारी भीड़ रही। इसके बाद मंदिर बंद कर दिया गया। इधर ठाकुर राधारमण मंदिर, राधादामोदर और इस्कॉन मंदिर में सुबह 4:30 बजे मंगला आरती, 10 बजे राजभोग आरती के बाद 10:30 तक दर्शन हुए।
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एक बजे शयन आरती के बाद मंदिर बंद हो गए। सभी भक्तों ने चंद्रग्रहण में मंदिरों के बदले समय में अपने आराध्य के दर्शन कर पूजा अर्चना की। मंदिर के पट बंद होने पर श्रद्धालु गेट पर ही संकीर्तन करते दिखे।
सड़कें रहीं सूनी, बाजार भी हो गए बंद
चंद्रग्रहण का असर वृंदावन के बाजारों पर भी देखने को मिला। चंद्रग्रहण में सूतक लगने के कारण ठाकुरजी के मंदिर बंद होने बाद वृंदावन के पुराना शहर, बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र का बाजार, लोई बाजार, अठखंभा बाजार पर भी असर देखा गया।
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श्रावणी पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों ने सोमवार सुबह छह बजे मंदिर में प्रवेश किया। भक्तों के लिए 7:45 तक पट खुले। 7:55 पर शृंगार आरती हुई और आठ बजे राजभोग सेवा, 9:55 बजे राजभोग आरती के बाद 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। शयन भोग सेवा के अंतर्गत सुबह ही 10:45 पर सेवायत गोस्वामियों ने मंदिर में प्रवेश किया। 11:15 पर भक्तों के लिए पट खुलेे। दोपहर 1:10 पर शयन आरती के बाद 1:15 पर पट बंद कर दिए गए।
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राधावल्लभ मंदिर में सुबह नौ बजे राजभोग आरती के बाद 9:30 बजे संध्या दर्शन और 1:30 बजे शयन आरती हुई। शयन आरती पर भारी भीड़ रही। इसके बाद मंदिर बंद कर दिया गया। इधर ठाकुर राधारमण मंदिर, राधादामोदर और इस्कॉन मंदिर में सुबह 4:30 बजे मंगला आरती, 10 बजे राजभोग आरती के बाद 10:30 तक दर्शन हुए।
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एक बजे शयन आरती के बाद मंदिर बंद हो गए। सभी भक्तों ने चंद्रग्रहण में मंदिरों के बदले समय में अपने आराध्य के दर्शन कर पूजा अर्चना की। मंदिर के पट बंद होने पर श्रद्धालु गेट पर ही संकीर्तन करते दिखे।
सड़कें रहीं सूनी, बाजार भी हो गए बंद
चंद्रग्रहण का असर वृंदावन के बाजारों पर भी देखने को मिला। चंद्रग्रहण में सूतक लगने के कारण ठाकुरजी के मंदिर बंद होने बाद वृंदावन के पुराना शहर, बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र का बाजार, लोई बाजार, अठखंभा बाजार पर भी असर देखा गया।