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बम-बम भोले से गूंजेगी तीर्थ नगरी
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shiv shankar
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सोरों (कासगंज)। शिव की भक्ति के लिए सोरों को गुलजार होने लगी है। शिवरात्रि से पहले शिव भक्तों का जत्था तीर्थनगरी में पहुंच रहा है। बाजार पूरी तरह सज गए हैं। लहरा घाट तक भोले स्वरों की गूंज सुनाई देने लगे हैं।
शिवरात्रि में मुख्य कांवड़ मेला धर्मनगरी सोरों में लगता है, लेकिन लहरा घाट पर लगने वाले मेले में भी कम भीड़ नहीं रहती। दोनों मेले में करीब 300 दुकानें लगीं हैं। इनमें कांवड़ की सजावट के सामान के अलावा कपड़े, पीतल के बर्तन, लकड़ी का सामान, प्रसाद आदि बिक रहा है। बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से कांवड़िये पहुंच रहे हैं। आस्था का फल कांवड़ ले जाने वालों को ही नहीं, व्यवसायियों और कारोबारियों को भी खूब मिलता है। शुरुआत अच्छी रहने से व्यापारी मेले से अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए हैं।
व्यापारियों की बात
- मेले की रंगत अच्छी है। बाहरी प्रांतों से अधिक संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी तरह मेला अंत तक चले तो इस बार व्यापारियों और कारोबार से जुड़े लोगों का मुनाफा अच्छा रहेगा- राजीव कुमार।
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- मेले में साज सज्जा की दुकान लगाई है। दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं ने मेले में रौनक बढ़ा दी है। व्यापार ठीक ठाक चल रहा है। आस्था से सोरों का मेला गुलजार है- प्रेमबाबू।
श्रद्धालुओं की सुनो
- पीढ़ी दर पीढ़ी यहां से कांवड़ ले जाते रहे हैं। खून में ही गंगा के प्रति आस्था बसी हुई है। जब तक शरीर साथ दे रहा है कांवड़ ले जाना बंद नहीं करेंगे- रामसखा, शिवपुरी, मध्यप्रदेश।
- हर वर्ष शिवरात्रि पर्व से पहले अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए यहां से तमाम लोग कांवड़ भरने पहुंचते हैं। इस बार भी तमाम श्रद्धालु साथियों के साथ कांवड़ भरने आए हैं। भोगीराम, मुरैना, मध्यप्रदेश
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शिवरात्रि में मुख्य कांवड़ मेला धर्मनगरी सोरों में लगता है, लेकिन लहरा घाट पर लगने वाले मेले में भी कम भीड़ नहीं रहती। दोनों मेले में करीब 300 दुकानें लगीं हैं। इनमें कांवड़ की सजावट के सामान के अलावा कपड़े, पीतल के बर्तन, लकड़ी का सामान, प्रसाद आदि बिक रहा है। बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से कांवड़िये पहुंच रहे हैं। आस्था का फल कांवड़ ले जाने वालों को ही नहीं, व्यवसायियों और कारोबारियों को भी खूब मिलता है। शुरुआत अच्छी रहने से व्यापारी मेले से अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए हैं।
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व्यापारियों की बात
- मेले की रंगत अच्छी है। बाहरी प्रांतों से अधिक संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी तरह मेला अंत तक चले तो इस बार व्यापारियों और कारोबार से जुड़े लोगों का मुनाफा अच्छा रहेगा- राजीव कुमार।
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- मेले में साज सज्जा की दुकान लगाई है। दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं ने मेले में रौनक बढ़ा दी है। व्यापार ठीक ठाक चल रहा है। आस्था से सोरों का मेला गुलजार है- प्रेमबाबू।
श्रद्धालुओं की सुनो
- पीढ़ी दर पीढ़ी यहां से कांवड़ ले जाते रहे हैं। खून में ही गंगा के प्रति आस्था बसी हुई है। जब तक शरीर साथ दे रहा है कांवड़ ले जाना बंद नहीं करेंगे- रामसखा, शिवपुरी, मध्यप्रदेश।
- हर वर्ष शिवरात्रि पर्व से पहले अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए यहां से तमाम लोग कांवड़ भरने पहुंचते हैं। इस बार भी तमाम श्रद्धालु साथियों के साथ कांवड़ भरने आए हैं। भोगीराम, मुरैना, मध्यप्रदेश