{"_id":"5c702452bdec222be7359363","slug":"141550853202-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा नगर निगम की कैबिनेट में पास नहीं हो सका 2.35 करोड़ का बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा नगर निगम की कैबिनेट में पास नहीं हो सका 2.35 करोड़ का बजट
विज्ञापन
डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। शुक्रवार को 2.35 करोड़ के बजट को पास कराने के लिए बुलाई गई बैठक पार्षदों की नाराजगी के चलते स्थगित कर दी गई। पार्षदों का कहना था कि उन्हें ऐन वक्त पर सूचना दी गई थी। इतना ही नहीं बैठक में नगर आयुक्त भी मौजूद नहीं थे। पार्षदों ने बजट पर अपनी सहमति देने से इंकार कर दिया। अब दोबारा से अगली तिथि तय की जाएगी।
लोकसभा चुनाव के लिए कभी भी आचार संहिता लग सकती है। इसे देखते हुए नगर निगम के अधिकारी भारी भरकम बजट पर कैबिनेट की मुहर लगवाना चाहते थे। इसके चलते आनन-फानन में दो दिन की कैबिनेट बैठक की योजना तैयार की गई। बैठक की सूचना कैबिनेट के 12 पार्षदों को मात्र दस घंटे पहले यानि कि गुरुवार दोपहर को दी गई । इसके चलते तीन पार्षद बैठक में आ भी नहीं सके । जो आए वह भी गुस्साए हुए थे। उनका कहना था कि जब उन्होंने 2.35 करोड़ 29 लाख के बजट का जब अध्ययन ही नहीं किया तो वह उसे पास कैसे कर दें ।
उधर नगर आयुक्त समीर वर्मा के भी बैठक में अनुपस्थित रहने से पार्षदों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा । उनके द्वारा बैठक में खूब शोर शराबा किया गया। उन्होंने नगर आयुक्त पर आरोप भी लगाए । करीब एक घंटे चली बैठक में खींचतान के बाद पार्षदों ने दोनों दिन की बैठक को स्थगित कराने का निर्णय लिया। जिस पर महापौर डा. मुकेश आर्यबंधु ने मुहर लगा दी।
विज्ञापन
महापौर डा. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि अब जब भी बैठक होगी पार्षदों को 72 घंटे पहले सूचना दी जाएगी । कैबिनेट की बैठक में उपसभापति मूलचंद गर्ग , राजेश पिंटू, रामदास चतुर्वेदी, मेघश्याम सैनी, विनोद भारद्वाज लीलाधर सिंह, मुन्ना निषाद, श्याम सिंह, मीरा मित्तल,अनीता गुर्जर मौजूद थे । अधिकारियों में अपर नगर आयुक्त सतेन्द्र तिवारी, एसपी मिश्रा, वीके पोरवाल, केके सिंह आदि मौजूद थे ।
उपसभापति का अंर्तविरोध हुआ दूर
बैठक की शुरूआत में भाजपा पार्षद मूलचंद गर्ग को बोर्ड बैठक कैबिनेट का उपसभापति बनाए जाने पर विरोध व्यक्त किया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद भाजपा पार्षदों ने अंर्तविरोध को दूर करते हुए पुन: मूलचंद गर्ग को ही उपसभापति के रूप में चयनित कर लिया। उनका और कैबिनेट में चयनित नये पार्षद विनोद भारद्धाज, लीलाधर सिंह, मुन्ना निषाद, श्याम सिंह का स्वागत किया गया ।
मलिन बस्तियों की धनराशि कहां गई ?
बैठक में पार्षदों ने जब मलिन बस्तियों में सड़क, पानी बिजली के लिए तय की गई धनराशि के संबंध में जानकारी चाही तो अधिकारी और निर्माण विभाग के इंजीनियर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके ।
डीग गेट की विवादित जमीन के कागज गायब...
पार्षद मीरा मित्तल ने बैठक में प्रश्न उठाया कि निगम में कई बड़ी जमीनों के मामले में खेल किया जा रहा है। डीग गेट स्थित जमीन के कागजातों के संबंध में जब उन्होंने जानने का प्रयास किया तो पता लगा कि निगम से जमीनों के कागज ही गायब हैं ।
‘सर, आपकी वजह से आज यहां हूं ...’
सदन में उस समय सन्नाटा खिंच गया जब जलकल महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने नगर आयुक्त समीर वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा उनके अधिकारों को सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल को दे दिया गया है । वह कई दफा उनका स्थानांतरण कराना चाहते थे । महा प्रबंधक ने महापौर की तरफ इंगित करते हुए कहा कि आपकी वजह से वह यहां हैं वरना उनका स्थानातंरण हो गया होता ।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव के लिए कभी भी आचार संहिता लग सकती है। इसे देखते हुए नगर निगम के अधिकारी भारी भरकम बजट पर कैबिनेट की मुहर लगवाना चाहते थे। इसके चलते आनन-फानन में दो दिन की कैबिनेट बैठक की योजना तैयार की गई। बैठक की सूचना कैबिनेट के 12 पार्षदों को मात्र दस घंटे पहले यानि कि गुरुवार दोपहर को दी गई । इसके चलते तीन पार्षद बैठक में आ भी नहीं सके । जो आए वह भी गुस्साए हुए थे। उनका कहना था कि जब उन्होंने 2.35 करोड़ 29 लाख के बजट का जब अध्ययन ही नहीं किया तो वह उसे पास कैसे कर दें ।
विज्ञापन
उधर नगर आयुक्त समीर वर्मा के भी बैठक में अनुपस्थित रहने से पार्षदों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा । उनके द्वारा बैठक में खूब शोर शराबा किया गया। उन्होंने नगर आयुक्त पर आरोप भी लगाए । करीब एक घंटे चली बैठक में खींचतान के बाद पार्षदों ने दोनों दिन की बैठक को स्थगित कराने का निर्णय लिया। जिस पर महापौर डा. मुकेश आर्यबंधु ने मुहर लगा दी।
विज्ञापन
महापौर डा. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि अब जब भी बैठक होगी पार्षदों को 72 घंटे पहले सूचना दी जाएगी । कैबिनेट की बैठक में उपसभापति मूलचंद गर्ग , राजेश पिंटू, रामदास चतुर्वेदी, मेघश्याम सैनी, विनोद भारद्वाज लीलाधर सिंह, मुन्ना निषाद, श्याम सिंह, मीरा मित्तल,अनीता गुर्जर मौजूद थे । अधिकारियों में अपर नगर आयुक्त सतेन्द्र तिवारी, एसपी मिश्रा, वीके पोरवाल, केके सिंह आदि मौजूद थे ।
उपसभापति का अंर्तविरोध हुआ दूर
बैठक की शुरूआत में भाजपा पार्षद मूलचंद गर्ग को बोर्ड बैठक कैबिनेट का उपसभापति बनाए जाने पर विरोध व्यक्त किया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद भाजपा पार्षदों ने अंर्तविरोध को दूर करते हुए पुन: मूलचंद गर्ग को ही उपसभापति के रूप में चयनित कर लिया। उनका और कैबिनेट में चयनित नये पार्षद विनोद भारद्धाज, लीलाधर सिंह, मुन्ना निषाद, श्याम सिंह का स्वागत किया गया ।
मलिन बस्तियों की धनराशि कहां गई ?
बैठक में पार्षदों ने जब मलिन बस्तियों में सड़क, पानी बिजली के लिए तय की गई धनराशि के संबंध में जानकारी चाही तो अधिकारी और निर्माण विभाग के इंजीनियर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके ।
डीग गेट की विवादित जमीन के कागज गायब...
पार्षद मीरा मित्तल ने बैठक में प्रश्न उठाया कि निगम में कई बड़ी जमीनों के मामले में खेल किया जा रहा है। डीग गेट स्थित जमीन के कागजातों के संबंध में जब उन्होंने जानने का प्रयास किया तो पता लगा कि निगम से जमीनों के कागज ही गायब हैं ।
‘सर, आपकी वजह से आज यहां हूं ...’
सदन में उस समय सन्नाटा खिंच गया जब जलकल महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने नगर आयुक्त समीर वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा उनके अधिकारों को सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल को दे दिया गया है । वह कई दफा उनका स्थानांतरण कराना चाहते थे । महा प्रबंधक ने महापौर की तरफ इंगित करते हुए कहा कि आपकी वजह से वह यहां हैं वरना उनका स्थानातंरण हो गया होता ।