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किसानों को दर्द दे रही ‘सम्मान’ निधि

Wed, 13 Feb 2019 10:59 PM IST
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Updated Wed, 13 Feb 2019 10:59 PM IST
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किसानों को दर्द दे रही ‘सम्मान’ निधि
किसानों को दर्द दे रही ‘सम्मान’ निधि - फोटो : अमर उजाला
एटा। सम्मान निधि योजना किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। किसान खतौनी (फर्द) निकलवाने में पसीना बहा रहे हैं। भूलेख विभाग की वेबसाइट पर दिक्कत होने के चलते जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्रों से खतौनी नहीं निकल पा रही है। ऐसे में किसानों को तहसील में लंबी लाइनें लगाकर खतौनी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये पाने के लिए किसान भागदौड़ करने में जुटे हैं। खतौनी के लिए किसान जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। मगर विभाग की वेबसाइट का सर्वर बंद होने से किसानों को बुधवार को फर्द के लिए पसीना बहाना पड़ा। बुधवार को तहसील स्थित भूलेख अनुभाग की खिड़की पर खतौनी के लिए किसान लाइन में लगे रहे। आलम यह रहा कि इस दौरान घंटों तक किसान हंगामा करते रहे। घंटों तक महिलाएं लाइनों में लगी रहीं। इन दिनों किसान तहसील खुलने से पहले ही लाइनों में खड़े हो जाते हैं जहां चार-चार घंटों बाद भी नंबर नहीं आ पा रहा है।
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अंतिम तिथि पर जद्दोजेहद
किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन के लिए अंतिम तिथि नजदीक आ रही है। ऐसे में किसान खतौनी के लिए खासे परेशान हैं। मगर वेबसाइट ने उनकी दिक्कत बढ़ा दी है।
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कहते हैं किसान
किसान योगेश कुमार सैंथरी का कहना है कि किसान सम्मान निधि योजना के लिए खतौनी सिरदर्द बन चुकी है। खतौनी अब तहसील के अलावा अन्य कहीं मिल नहीं रही है और प्रक्रिया पूरी करने के लिए खतौनी आवश्यक है।
किसान शिवराम सिंह सोंसा का कहना है कि सुबह से ही तहसील में खतौनी के लिए लाइन में लगे हुए हैं। चार घंटे बीत जाने के बाद भी खतौनी प्राप्त नहीं हो सकी है। ऐसे में योजना का लाभ पाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
किसान राजेन्द्र सिंह भोगपुर का कहना है कि योजना शुरू होने से पहले गांव में ही खतौनी निकलवा ली जाती थी। मगर अब जनसेवा केंद्र पर खतौनी नहीं मिल रही है। जिस वजह से खतौनी के लिए मारामारी करनी पड़ रही है।


किसान भारत सिंह नगला दुबे का कहना है कि यह तो हमें पता नहीं कि जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्रों पर खतौनी क्यों नहीं निकल रही है। मगर खतौनी जनसेवा केन्द्रों पर नहीं मिलने की वजह से तहसील में परेशानियां किसानों को बहुत उठानी पड़ रही हैं।
भूलेख विभाग की वेबसाइट में दिक्कत के चलते खतौनी निकलने में समस्या हुई थी। सर्वर में लोड अधिक रहने से दिक्कत आ रही है।
अविरल तिवारी, ई-डीएम
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