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परवान नहीं चढ़ सकी बेघरों के लिए बनी आसरा योजना
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फिरोजाबाद। करोड़ों रुपये खर्च कर गरीबों के लिए बने भवन विभागीय लापरवाही के चलते फिलहाल धूल फांक रहे हैं। वहीं आसरा मिलने की आस में बैठे दर्जनों आवेदक भी परेशान हैं। सपा शासन में निराश्रितों के लिए आसरा योजना के तहत बने 36 से ज्यादा भवन अभी तक आवंटित ही नहीं किए हैं।
नगरीय क्षेत्र में गरीब और घर विहीन परिवारों को आसरा उपलब्ध कराने के इरादे से वर्ष 2015-16 के दौरान तत्कालीन सपा सरकार ने जिले में आसरा योजना के तहत 36 आवासों का निर्माण कराया था। नगरीय विकास अभिकरण के माध्यम से संचालित आसरा योजना के तहत आवास निर्माण का जिम्मा सीएनडीएस (जल निगम निर्माण शाखा)के पास है।
एक करोड़ 99 लाख की इस परियोजना का 90 प्रतिशत भाग छह माह पूर्व पूरा हो चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुडे़ खड़ंजा, कमरों में टायल्स, बॉउंड्रीवाल एवं गेट निर्माण के कार्य अधूरे हैं। इसके लिए शासन को 89 लाख की अतिरिक्त मांग भेजी गई है। डीएम से की गई एक शिकायत के बाद डीडी मंडी और सहायक मत्स्य अधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा ने आसरा योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमरों की दीवारें चटकी मिलीं।
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आसरा योजना के तहत आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के लिए 85 लोगों ने आवेदन किए थे। पात्रों को गत 2016-17 में आवास मुहैया कराने का भरोसा दिया गया। लेकिन तीन वर्ष से आवास की आस में बैठे आवेदकों की उम्मीदें भी समय के साथ धूमिल होने लगी हैं।
अनुपम गर्ग, पीओ नगरीय विकास अभिकरण ने बताया कि आसरा योजना के तहत भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने लागत में बढ़ोत्तरी के कारण लगभग 89 लाख रुपये की अतिरिक्त डिमांड की है। पैसे मिलते ही बाकी काम पूरा करा आवंटन करा दिया जाएगा।
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नगरीय क्षेत्र में गरीब और घर विहीन परिवारों को आसरा उपलब्ध कराने के इरादे से वर्ष 2015-16 के दौरान तत्कालीन सपा सरकार ने जिले में आसरा योजना के तहत 36 आवासों का निर्माण कराया था। नगरीय विकास अभिकरण के माध्यम से संचालित आसरा योजना के तहत आवास निर्माण का जिम्मा सीएनडीएस (जल निगम निर्माण शाखा)के पास है।
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एक करोड़ 99 लाख की इस परियोजना का 90 प्रतिशत भाग छह माह पूर्व पूरा हो चुका है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुडे़ खड़ंजा, कमरों में टायल्स, बॉउंड्रीवाल एवं गेट निर्माण के कार्य अधूरे हैं। इसके लिए शासन को 89 लाख की अतिरिक्त मांग भेजी गई है। डीएम से की गई एक शिकायत के बाद डीडी मंडी और सहायक मत्स्य अधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा ने आसरा योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमरों की दीवारें चटकी मिलीं।
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आसरा योजना के तहत आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के लिए 85 लोगों ने आवेदन किए थे। पात्रों को गत 2016-17 में आवास मुहैया कराने का भरोसा दिया गया। लेकिन तीन वर्ष से आवास की आस में बैठे आवेदकों की उम्मीदें भी समय के साथ धूमिल होने लगी हैं।
अनुपम गर्ग, पीओ नगरीय विकास अभिकरण ने बताया कि आसरा योजना के तहत भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने लागत में बढ़ोत्तरी के कारण लगभग 89 लाख रुपये की अतिरिक्त डिमांड की है। पैसे मिलते ही बाकी काम पूरा करा आवंटन करा दिया जाएगा।