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टायरों की कुर्सियों पर बैठेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे
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फिरोजाबाद। अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के पंजीकृत बच्चे नई साल में जमीन पर बैठ कर नहीं पढे़ंगे, बल्कि पुराने रिसाइकिल टायरों से बनी कुर्सियों पर बैठेंगे। जिला प्रशासन ने योजना तैयार की है।
जिला प्रशासन द्वारा जमीन पर बैठ कर शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को बैठने के लिए जल्द ही कुर्सियां उपलब्ध होंगी, लेकिन इसकी शुरुआत ग्राम पंचायतों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों से होगी। जिले अति कुपोषित व कुपोषित श्रेणी वाली सूची में लगभग 110 ग्राम व पंचायतें शामिल हैं।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा की पहल पर कुपोषित व अति कुपोषित ग्रामों में 82 गांव विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए हैं। इन ग्रामों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को पुराने टायरों से निर्मित कुर्सियां दी जाएंगी।
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नई दिल्ली की एक संस्था को इसके लिए नामित किया है। एक जनवरी 2019 से अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को बैठने के लिए कुर्सियां उपलब्ध होंगी। प्ले मेट चटाई भी केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
डीएम के निर्देश पर नई दिल्ली की एक संस्था को पुराने टायरों द्वारा निर्मित कुर्सियां सप्लाई को अधिकृत किया है। कुछ कुर्सियां आ भी गईं हैं। एक जनवरी से केंद्रों पर रखवाने की योजना है।
आभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिला प्रशासन द्वारा जमीन पर बैठ कर शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को बैठने के लिए जल्द ही कुर्सियां उपलब्ध होंगी, लेकिन इसकी शुरुआत ग्राम पंचायतों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों से होगी। जिले अति कुपोषित व कुपोषित श्रेणी वाली सूची में लगभग 110 ग्राम व पंचायतें शामिल हैं।
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जिलाधिकारी नेहा शर्मा की पहल पर कुपोषित व अति कुपोषित ग्रामों में 82 गांव विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए हैं। इन ग्रामों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को पुराने टायरों से निर्मित कुर्सियां दी जाएंगी।
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नई दिल्ली की एक संस्था को इसके लिए नामित किया है। एक जनवरी 2019 से अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को बैठने के लिए कुर्सियां उपलब्ध होंगी। प्ले मेट चटाई भी केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
डीएम के निर्देश पर नई दिल्ली की एक संस्था को पुराने टायरों द्वारा निर्मित कुर्सियां सप्लाई को अधिकृत किया है। कुछ कुर्सियां आ भी गईं हैं। एक जनवरी से केंद्रों पर रखवाने की योजना है।
आभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।