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यमुना का घटते जलस्त देख खिले किसानों के चेहरे
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:53 PM IST
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टूंडला (फिरोजाबाद)। गोकुल बैराज से छोड़ गये पानी के चलते यमुना का बढ़ा जलस्तर रविवार को करीब एक फीट कम हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यमुना का जलस्तर पिछले वर्ष तक पहुंच जाता तो किसानों का भारी नुकसान होता।
पिछले तीन दिनों से यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा था। यमुना के गोकुल बैराज से छोड़ पानी से यमुना ने किसानों की खादरों में खड़ी बाजरा, सब्जियों व तिलहन की फसलों में घुस गया था। तिलहन की फसलें जलमग्न हो गई थीं। जैसे-जैसे यमुना का जलस्तर बढ़ रहा था, किसानों की धड़कनें तेज होती जा रही थीं।
बढ़ते जल स्तर ने यमुना तलहटी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक किसानों की यमुना खादरों में खड़ी फसल को नुकसान भी हुआ। रविवार सुबह यमुना का जलस्तर बढ़ने का क्रम थमा और करीब छह इंच पानी कम हो गया था। शाम तक एक फीट तक पहुंच गया था। ग्रामीणों ने बताया कि खादरों में खड़ी कुछ फसलों में भरा पानी निकल चुका है।
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पिछले तीन दिनों से यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा था। यमुना के गोकुल बैराज से छोड़ पानी से यमुना ने किसानों की खादरों में खड़ी बाजरा, सब्जियों व तिलहन की फसलों में घुस गया था। तिलहन की फसलें जलमग्न हो गई थीं। जैसे-जैसे यमुना का जलस्तर बढ़ रहा था, किसानों की धड़कनें तेज होती जा रही थीं।
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बढ़ते जल स्तर ने यमुना तलहटी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक किसानों की यमुना खादरों में खड़ी फसल को नुकसान भी हुआ। रविवार सुबह यमुना का जलस्तर बढ़ने का क्रम थमा और करीब छह इंच पानी कम हो गया था। शाम तक एक फीट तक पहुंच गया था। ग्रामीणों ने बताया कि खादरों में खड़ी कुछ फसलों में भरा पानी निकल चुका है।
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