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मौत का सर्जन बना झोलाछाप
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:06 AM IST
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किशनी/कुसमरा(मैनपुरी)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से क्षेत्र में झोलाछाप खूब फल-फूल रहे हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक तो वे सिर्फ ड्रिप या इंजेक्शन लगाकर मरीजों का इलाज करते थे।
अब तो वे सर्जन बनकर मरीजों का आपरेशन भी करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के गांव बुढ़ौली में सामने आया है। यहां एक गरीब मरीज को चारपाई पर लिटा कर झोलाछाप ने उसके पेट का बड़ा आपरेशन कर दिया।
दो दिन बाद मरीज की मौत हो गई। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराया है।
गांव बुढ़ौली निवासी रामसेनही लाल जाटव का 23 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार को पंद्रह दिन पूर्व सेप्टिक हो गई थी। परिजन उसे गांव परशुरामपुर में झोलाछाप अनिल कुमार सिंह के पास ले गए।
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अनिल ने नीरज का आपरेशन कर दिया। आपरेशन के बाद नीरज की एक आंख खराब हो गई और उसे सीने में दर्द उठा। नीरज के पिता रामसनेही 14 जुलाई को उसे फिर से झोलाछाप के पास ले गए।
यहां शनिवार को अनिल ने नीरज के पेट का आपरेशन कर दिया। उसे सत्रह टांके आए। सोमवार रात अचानक नीरज की हालत फिर से बिगड़ गई, तो रात के करीब ढाई बजे जख्मों के टांके काट दिए।
इसके बाद नीरज की हालत और खराब हो गई। इसके बाद झोलाछाप स्वयं ही नीरज को फर्रुखाबाद के किसी क्लीनिक पर ले गया। वहां के डॉक्टरों ने उसका इलाज करने से मना कर दिया।
मरणासन्न हालत में ही नीरज को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। नीरज की मौत के बाद तक झोलाछाप गाड़ी में साथ रहा। जैसे ही परिजन उसके शव को लेकर कुसमरा आए।
वह गाड़ी से उतर कर गायब हो गया। मृतक के पिता ने पुलिस में तहरीर दे दी है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। झोलाछाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
कुसमरा। झोलाछाप ने नीरज के पेट का इतना बड़ा आपरेशन किया। इससे क्षेत्र में किडनी निकाले जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि झोलाछाप ने क्षेत्र में अपने गुर्गे छोड़ रखे हैं।
जो मरीजों को उपचार के लिए उसके पास लाते हैं। उसने अपना क्लीनिक इसीलिए नगर से तीन किमी दूर गांव में खोल रखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार झोलाछाप ने मरीज की किडनी प्रत्यारोपण के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे और कहा था कि हम किडनी बदल देंगे।
झोलाछाप की शिकायत ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से की थी, तब एक टीम जांच के लिए आई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते टीम बिना कार्रवाई के ही लौट गई थी।
सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। लापरवाही किस स्तर पर हुई है, इसकी भी पड़ताल होगी।
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अब तो वे सर्जन बनकर मरीजों का आपरेशन भी करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के गांव बुढ़ौली में सामने आया है। यहां एक गरीब मरीज को चारपाई पर लिटा कर झोलाछाप ने उसके पेट का बड़ा आपरेशन कर दिया।
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दो दिन बाद मरीज की मौत हो गई। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराया है।
गांव बुढ़ौली निवासी रामसेनही लाल जाटव का 23 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार को पंद्रह दिन पूर्व सेप्टिक हो गई थी। परिजन उसे गांव परशुरामपुर में झोलाछाप अनिल कुमार सिंह के पास ले गए।
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अनिल ने नीरज का आपरेशन कर दिया। आपरेशन के बाद नीरज की एक आंख खराब हो गई और उसे सीने में दर्द उठा। नीरज के पिता रामसनेही 14 जुलाई को उसे फिर से झोलाछाप के पास ले गए।
यहां शनिवार को अनिल ने नीरज के पेट का आपरेशन कर दिया। उसे सत्रह टांके आए। सोमवार रात अचानक नीरज की हालत फिर से बिगड़ गई, तो रात के करीब ढाई बजे जख्मों के टांके काट दिए।
इसके बाद नीरज की हालत और खराब हो गई। इसके बाद झोलाछाप स्वयं ही नीरज को फर्रुखाबाद के किसी क्लीनिक पर ले गया। वहां के डॉक्टरों ने उसका इलाज करने से मना कर दिया।
मरणासन्न हालत में ही नीरज को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। नीरज की मौत के बाद तक झोलाछाप गाड़ी में साथ रहा। जैसे ही परिजन उसके शव को लेकर कुसमरा आए।
वह गाड़ी से उतर कर गायब हो गया। मृतक के पिता ने पुलिस में तहरीर दे दी है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। झोलाछाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
कुसमरा। झोलाछाप ने नीरज के पेट का इतना बड़ा आपरेशन किया। इससे क्षेत्र में किडनी निकाले जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि झोलाछाप ने क्षेत्र में अपने गुर्गे छोड़ रखे हैं।
जो मरीजों को उपचार के लिए उसके पास लाते हैं। उसने अपना क्लीनिक इसीलिए नगर से तीन किमी दूर गांव में खोल रखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार झोलाछाप ने मरीज की किडनी प्रत्यारोपण के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे और कहा था कि हम किडनी बदल देंगे।
झोलाछाप की शिकायत ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से की थी, तब एक टीम जांच के लिए आई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते टीम बिना कार्रवाई के ही लौट गई थी।
सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। लापरवाही किस स्तर पर हुई है, इसकी भी पड़ताल होगी।