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कानून की जानकारी नहीं होने से होता है उत्पीड़न
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:35 PM IST
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मंचासीन अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। कानून की जानकारी नहीं होने से आज भी देहात में लोग उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए देहात में शिविर लगाए जा रहे हैं। कानून की जानकारी लेकर लोग अपने अधिकार पाकर उत्पीड़न से बच सकते हैं। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार सिंह ने कही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तहसील किशनी के ग्राम कुरसेंडा में बुधवार को लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा देहात में आज भी महिलाएं कानूनी जानकारी से वंचित हैं। महिलाओं के लिए तमाम कानून हैं लेकिन उन कानूनों की जानकारी महिलाओं को नहीं है। विधिक शिविरों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी उमेश कुमार ने कहा कि श्रम करने पर श्रमिक को वाजिब मजदूरी मिलनी चाहिए। अगर किसी श्रमिक को मजदूरी नहीं मिलती है तो वह कानून की जानकारी लेकर अपना अधिकार ले सकता है। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा बाल श्रम, बाल विवाह दोनों अपराध हैं। अपराध होने पर सजा का भी प्रावधान है। निशुल्क अधिवक्ता सुनील यादव ने कहा अगर किसी को न्याय नहीं मिलता है तो वह प्राधिकरण की मदद ले सकता है।
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प्राधिकरण के माध्यम से गरीबों को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। थाने में रिपोर्ट नहीं लिखे जाने पर अदालत में धारा 156(3) के माध्यम से रिपोर्ट लिखा सकते हैं। इस मौके पर चिकित्साधिकारी सर्वेश यादव, पैरालीगल वालेंटियर बसंत यादव, रामरतन शाक्य, कल्पना शाक्य, रूबी शाक्य, ग्राम प्रधान मनोज चौहान आदि मौजूद थे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तहसील किशनी के ग्राम कुरसेंडा में बुधवार को लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा देहात में आज भी महिलाएं कानूनी जानकारी से वंचित हैं। महिलाओं के लिए तमाम कानून हैं लेकिन उन कानूनों की जानकारी महिलाओं को नहीं है। विधिक शिविरों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी उमेश कुमार ने कहा कि श्रम करने पर श्रमिक को वाजिब मजदूरी मिलनी चाहिए। अगर किसी श्रमिक को मजदूरी नहीं मिलती है तो वह कानून की जानकारी लेकर अपना अधिकार ले सकता है। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा बाल श्रम, बाल विवाह दोनों अपराध हैं। अपराध होने पर सजा का भी प्रावधान है। निशुल्क अधिवक्ता सुनील यादव ने कहा अगर किसी को न्याय नहीं मिलता है तो वह प्राधिकरण की मदद ले सकता है।
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प्राधिकरण के माध्यम से गरीबों को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। थाने में रिपोर्ट नहीं लिखे जाने पर अदालत में धारा 156(3) के माध्यम से रिपोर्ट लिखा सकते हैं। इस मौके पर चिकित्साधिकारी सर्वेश यादव, पैरालीगल वालेंटियर बसंत यादव, रामरतन शाक्य, कल्पना शाक्य, रूबी शाक्य, ग्राम प्रधान मनोज चौहान आदि मौजूद थे।