मथुरा। अब केवल नियमित अधिवक्ता ही बार के सदस्य रह सकेंगे। उनकी पहचान करने के लिए बार में पांच बायोमेट्रिक मशीन लगवाई जाएंगी। प्रतिदिन की उपस्थिति के आधार पर नियमित और गैर नियमित अधिवक्ताओं में अंतर किया जाएगा। इन्हीं अधिवक्ताओं को बार से प्राप्त होने वाली सुविधाएं मिल सकेंगी। यह निर्णय बुधवार को बार की संविधान संशोधन की बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो अधिवक्ता दो दफा एक पद पर चुन लिया जाएगा वह तीसरी दफा चुनाव नहीं लड़ सकेगा। साथ ही एक दफा चुनाव लड़ने के बाद पांच वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ सकेगा। बैठक में 40 वर्ष तक अभ्यास करने वाले अधिवक्ता को चंदा मुक्त करने का प्रस्ताव भी पास हुआ। तीन वर्ष तक जूनियर अधिवक्ता से सौ रुपये, शेष अधिवक्ताओं से पांच सौ रुपये चंदा के प्रस्ताव भी रखा गया। बार अध्यक्ष डॉ. ब्रज गोपाल शर्मा ने बताया कि जल्द ही बायोमेट्रिक मशीन लगेगी। बैठक में संविधान संशोधन समिति के सदस्य रमेश कुमार शर्मा, अर्जुन सिंह राजकुमार अग्रवाल, महेश अग्रवाल, बनवारीलाल दिनकर, अमित गोस्वामी, कार्यकारिणी सदस्य सचिव त्रिलोक चंद शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल गोस्वामी, संयुक्त सचिव मनोज शर्मा, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह, ऑडीटर अलका शर्मा, संयुक्त सचिव पुस्तकालय अमित पचौरी के अलावा कार्यकारिणी के सदस्य कमलकांत उपमन्यु गोपाल शर्मा, महेश शर्मा, ओमप्रकाश सैनी आदि उपस्थित थे।