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खंदी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:31 AM IST
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जलमग्न फसल
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। थाना कोतवाल क्षेत्र के दर्जनभर गांव की फसल रविवार को रजवाह की खंदी कटने से जलमगभन हो गई। इससे किसानों के चेहरों पर निराशा की लकीरें दिखाई देने लगी।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्राम पड़रिया, औडेन्य, दिलीपपुर, हरचंदपुर, झिझाई, नगला जुला व लालपुर आदि गावों के किनारे से होकर हजारा नहर बह रही है। ज्यादातर किसान नहर से ही अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। लेकिन रविवार को अचानक नहर की पटरी कट गई।
खंदी कटने से आस-पा के गांवों के खेत में पानी भर गया। वहीं कई खेतों की तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। किसानों ने स्वयं ही नहर की खंदी को बंद किया। लेकिन तब तक सैंकड़ों बीघा फसल पानी से बर्बाद हो गई। किसान राजेश का कहना है कि इससे बर्बादी ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है।
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इससे पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं किशनपाल सिंह का कहना है कि खंदी कटने से किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। खंदी को जोड़नें में कई गांवों के किसानों ने मेहनत की। लेकिन फिर भी खेतों में पानी भरने से नहीं रोका जा सका। किसानों ने सरकार से बार्बाद फसल के मुआवजे की मांग की है।
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उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्राम पड़रिया, औडेन्य, दिलीपपुर, हरचंदपुर, झिझाई, नगला जुला व लालपुर आदि गावों के किनारे से होकर हजारा नहर बह रही है। ज्यादातर किसान नहर से ही अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। लेकिन रविवार को अचानक नहर की पटरी कट गई।
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खंदी कटने से आस-पा के गांवों के खेत में पानी भर गया। वहीं कई खेतों की तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। किसानों ने स्वयं ही नहर की खंदी को बंद किया। लेकिन तब तक सैंकड़ों बीघा फसल पानी से बर्बाद हो गई। किसान राजेश का कहना है कि इससे बर्बादी ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है।
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इससे पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं किशनपाल सिंह का कहना है कि खंदी कटने से किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। खंदी को जोड़नें में कई गांवों के किसानों ने मेहनत की। लेकिन फिर भी खेतों में पानी भरने से नहीं रोका जा सका। किसानों ने सरकार से बार्बाद फसल के मुआवजे की मांग की है।